इम्फाल। मणिपुर के सेनापति जिले में 27 दिनों तक बंदी बनाए गए 14 कूकी नागरिकों को आखिरकार आज मुक्त करा लिया गया। अधिकारियों ने बताया कि बंधकों को स्थानीय सुरक्षा बलों और प्रशासन की सक्रियता के बाद सुरक्षित रूप से मुक्त कराया गया। इस घटना ने राज्य में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे।
स्थानीय पुलिस सूत्रों के अनुसार, बंधकों को एक सशस्त्र समूह ने 27 दिन पहले उठाया था। सुरक्षा बलों ने इलाके में सघन तलाशी अभियान चलाया और बातचीत के माध्यम से बंधकों को सुरक्षित रिहा कराने में सफलता हासिल की। अधिकारियों ने कहा कि बंधकों की तबीयत अब सामान्य है और उन्हें परिवार वालों के पास भेजा जा रहा है।
मणिपुर के गृह विभाग ने ट्वीट कर जानकारी दी कि इस मामले में राज्य सरकार पूरी तरह सक्रिय रही और बंधकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उच्च स्तरीय बैठकें की गईं। अधिकारियों ने कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था बनाए रखने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कठोर कदम उठाए जाएंगे।
स्थानीय समुदायों और नेताओं ने भी बंधकों की सुरक्षा और उनके सुरक्षित रिहाई के लिए प्रशासन का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि इस घटना ने क्षेत्र में आपसी सामंजस्य और शांति बनाए रखने की आवश्यकता को उजागर किया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि मणिपुर और आसपास के क्षेत्र में अक्सर जातीय और सशस्त्र संघर्ष की घटनाएं होती रही हैं। ऐसे मामलों में समय पर और प्रभावी कार्रवाई से ही स्थानीय लोगों का विश्वास शासन व्यवस्था पर बना रहता है।
राज्य पुलिस ने बताया कि बंधकों के रिहा होने के बाद इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए विशेष निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने जनता से अपील की कि इस दौरान अफवाहों से दूर रहें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
इस घटना ने मणिपुर में सुरक्षा और आपसी सहअस्तित्व के महत्व को फिर से उजागर किया है। अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सतत निगरानी और प्रभावी सुरक्षा उपाय लागू किए जाएंगे।





