नई दिल्ली। भारत की अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा को एक और बड़ी उपलब्धि मिली है। सऊदी अरब के हज और उमराह मंत्रालय ने भारतीय हज मिशन को पहली बार दो प्रतिष्ठित ‘लब्बैतुम अवॉर्ड’ प्रदान किए हैं। यह सम्मान हज यात्रियों के लिए उत्कृष्ट समन्वय, संचार और बेहतर प्रबंधन के लिए दिया गया है।
केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि भारतीय हज मिशन को यह सम्मान हज संचालन में उत्कृष्ट प्रदर्शन और प्रभावी व्यवस्था के कारण मिला है। उन्होंने कहा कि यह पुरस्कार भारत और सऊदी अरब के बीच मजबूत सहयोग तथा भारतीय अधिकारियों की मेहनत का परिणाम है।
मंत्री ने बताया कि हज-2026 के दौरान अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय, हज कमेटी ऑफ इंडिया और सऊदी अरब स्थित भारतीय मिशन के बीच बेहतरीन तालमेल देखने को मिला। इसी वजह से लाखों भारतीय श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकीं।
इस वर्ष भारत से करीब 1.75 लाख से अधिक हज यात्री सऊदी अरब पहुंचे। यात्रियों की सुविधा के लिए कई नई पहल की गईं। इनमें हज सुविधा ऐप, स्मार्ट रिस्टबैंड, बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं, डिजिटल निगरानी व्यवस्था और शिकायत निवारण तंत्र शामिल रहे। इसके अलावा मक्का और मदीना के बीच हाई-स्पीड ट्रेन सेवा का भी बड़ी संख्या में यात्रियों ने लाभ उठाया।
सरकार की ओर से यात्रियों के लिए बीमा सुरक्षा को भी मजबूत किया गया। वहीं आवास, परिवहन और एयरपोर्ट व्यवस्थाओं को पहले की तुलना में अधिक व्यवस्थित बनाया गया, जिससे यात्रियों को यात्रा के दौरान कम परेशानी का सामना करना पड़ा।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय हज मिशन को मिला यह सम्मान वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ती साख का प्रतीक है। साथ ही यह दर्शाता है कि भारतीय प्रशासनिक व्यवस्था और डिजिटल प्रबंधन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सराहना मिल रही है।
सऊदी अरब द्वारा दिए गए ये प्रतिष्ठित पुरस्कार भारत के लिए गौरव का विषय माने जा रहे हैं और इससे भविष्य में हज यात्रियों को और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने का मार्ग भी प्रशस्त होगा।





