वॉशिंगटन। अमेरिकी प्रशासन ने ग्रीन कार्ड नियमों में बड़ा बदलाव किया है, जो लाखों भारतीयों के लिए राहत की खबर साबित हुआ है। ट्रंप प्रशासन के समय लागू किए गए कुछ कड़े नियमों को पलटते हुए अमेरिकी अधिकारियों ने यह निर्णय लिया कि अब ग्रीन कार्ड प्रक्रिया अधिक सरल और पारदर्शी होगी।
नए बदलाव के तहत उन आवेदकों को राहत मिलेगी जो पहले आय या संपत्ति संबंधी कठोर शर्तों के कारण हतोत्साहित हो रहे थे। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य न्यायसंगत और कुशल ग्रीन कार्ड प्रक्रिया सुनिश्चित करना है, जिससे योग्य और योग्य आवेदकों को सुविधा मिल सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव विशेष रूप से भारतीय पेशेवरों और आईटी विशेषज्ञों के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि अमेरिकी ग्रीन कार्ड के लिए लंबी प्रतीक्षा सूची और जटिल नियम अक्सर उनके लिए बाधा बने रहते थे। नई नीति के अनुसार, उन श्रेणियों में प्राथमिकता दी जाएगी जिनका योगदान अमेरिकी अर्थव्यवस्था और तकनीकी क्षेत्र में महत्वपूर्ण है।
कूटनीतिक और आप्रवासन विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम भारत-अमेरिका के बीच बढ़ते सहयोग और सकारात्मक रिश्तों का संकेत भी है। इससे भारतीय नागरिकों को अमेरिका में स्थायी निवास की दिशा में तेजी से प्रगति करने में मदद मिलेगी।
भारत में बड़ी संख्या में पेशेवर और छात्र अमेरिका में करियर बनाने के लिए ग्रीन कार्ड की प्रतीक्षा कर रहे हैं। अब इस नियम के बदलाव के बाद, उन्हें प्रक्रिया में आसानी और लंबी प्रतीक्षा से राहत मिलने की उम्मीद है।
अमेरिकी अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इस बदलाव का उद्देश्य आप्रवासियों के लिए अवसर बढ़ाना और नियमों को अधिक न्यायसंगत बनाना है। यह कदम विशेष रूप से तकनीकी और स्वास्थ्य क्षेत्र में काम करने वाले पेशेवरों के लिए एक बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है।





