Top 5 This Week

Related Posts

भारतनेट की खामियों पर संसदीय समिति सख्त, राज्यवार परफॉरमेंस ऑडिट की सिफारिश

नई दिल्ली। ग्रामीण क्षेत्रों में तेज इंटरनेट कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने की केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना भारतनेट के क्रियान्वयन को लेकर संसदीय समिति ने गंभीर सवाल उठाए हैं। समिति ने पाया कि केवल ग्राम पंचायतों तक नेटवर्क पहुंचाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि कनेक्टिविटी का वास्तविक उपयोग, सेवा की गुणवत्ता और नेटवर्क की विश्वसनीयता भी सुनिश्चित की जानी चाहिए। समिति ने भारतनेट का राज्यवार और क्रियान्वयन मॉडल के आधार पर व्यापक परफॉरमेंस ऑडिट कराने की सिफारिश की है।

समिति के अनुसार, कई क्षेत्रों में बुनियादी ढांचा तैयार होने के बावजूद अंतिम छोर तक इंटरनेट सेवाओं का अपेक्षित विस्तार नहीं हो पाया है। ऐसे में योजना की सफलता का आकलन केवल बिछाई गई ऑप्टिकल फाइबर केबल या कनेक्टेड ग्राम पंचायतों की संख्या से नहीं किया जाना चाहिए। वास्तविक स्थिति जानने के लिए यह देखना जरूरी है कि कितनी ग्राम पंचायतें वास्तव में परिचालन में हैं और वहां लोगों को नियमित एवं गुणवत्तापूर्ण ब्रॉडबैंड सेवा मिल रही है या नहीं।

समिति ने नेटवर्क की अपटाइम, इंटरनेट स्पीड, सिग्नल की मजबूती, कवरेज और खराबी दूर करने में लगने वाले समय जैसे मानकों पर निगरानी बढ़ाने की जरूरत बताई है। साथ ही ग्राम पंचायत कार्यालयों तक सीमित कनेक्टिविटी के बजाय घरों और अन्य संस्थानों तक फाइबर-टू-द-होम सेवाओं का विस्तार करने पर जोर दिया गया है।

रिपोर्ट में भारतनेट के विभिन्न चरणों में हुई देरी और लंबित परियोजनाओं पर भी चिंता जताई गई है। समिति ने केंद्र, राज्य सरकारों और संबंधित क्रियान्वयन एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय तथा निर्धारित समयसीमा के आधार पर परियोजनाओं की निगरानी की सिफारिश की है।

समिति ने यह भी कहा कि कठिन भौगोलिक क्षेत्रों में केवल ऑप्टिकल फाइबर पर निर्भर रहने के बजाय जरूरत के अनुसार वायरलेस और सैटेलाइट जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया जा सकता है। तीसरे पक्ष के ऑडिट में सामने आई नेटवर्क बाधाओं, कमजोर सिग्नल और अन्य कमियों को समयबद्ध तरीके से दूर करने पर भी जोर दिया गया है।

भारतनेट का उद्देश्य ग्रामीण भारत को डिजिटल कनेक्टिविटी से जोड़ना है। ऐसे में समिति की सिफारिशों का मकसद योजना को केवल बुनियादी ढांचा निर्माण से आगे ले जाकर विश्वसनीय और उपयोगी इंटरनेट सेवा उपलब्ध कराने पर केंद्रित करना है।

Popular Articles