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भारत में AI के लिए नया कानून जरूरी, IT अधिनियम 2000 अब पुराना पड़ चुका है: अश्विनी वैष्णव

नई दिल्ली | केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि देश में तेजी से बढ़ती आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक को देखते हुए एक नया और आधुनिक कानून लाना अब जरूरी हो गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मौजूदा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 (IT Act) वर्तमान AI युग की चुनौतियों को पूरी तरह संबोधित करने में सक्षम नहीं है।

वैष्णव के अनुसार, जिस समय IT अधिनियम बनाया गया था, उस समय AI जैसी उन्नत तकनीक मौजूद नहीं थी। लेकिन आज डीपफेक, AI-जनित फर्जी सामग्री, डेटा सुरक्षा और ऑनलाइन गलत सूचना जैसे मुद्दे तेजी से बढ़ रहे हैं, जिन पर मौजूदा कानून पर्याप्त नियंत्रण नहीं कर पा रहा है।

उन्होंने कहा कि सरकार इस दिशा में एक नए कानूनी ढांचे पर विचार कर रही है, जो तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने के साथ-साथ जिम्मेदार और सुरक्षित डिजिटल वातावरण भी सुनिश्चित करे। मंत्री ने यह भी संकेत दिया कि इस प्रक्रिया में उद्योग जगत और विशेषज्ञों से व्यापक परामर्श लिया जा रहा है।

अश्विनी वैष्णव ने यह भी कहा कि भारत का लक्ष्य केवल नियम बनाना नहीं, बल्कि एक ऐसा संतुलित ढांचा तैयार करना है जिसमें नवाचार और सुरक्षा दोनों साथ-साथ आगे बढ़ें। उन्होंने जोर देकर कहा कि AI के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए भारत को वैश्विक स्तर पर अपनी डिजिटल नीति को और मजबूत करना होगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि AI के बढ़ते उपयोग से रोजगार, शिक्षा, मीडिया और सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में बड़े बदलाव आ रहे हैं, ऐसे में नया कानून भविष्य की चुनौतियों से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

सरकार के इस रुख को भारत में डिजिटल गवर्नेंस और तकनीकी नियमन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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