नई दिल्ली। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने कहा है कि भारत और ब्रिटेन अपने द्विपक्षीय संबंधों में एक नए युग की शुरुआत करने के लिए तैयार हैं और दोनों देश मिलकर एक “नया भविष्य” बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। यह बयान भारत-ब्रिटेन संबंधों में हाल के समय में आई मजबूती और बढ़ते रणनीतिक सहयोग को रेखांकित करता है।
जयशंकर ने कहा कि पिछले कुछ महीनों में दोनों देशों के संबंधों में उल्लेखनीय सुधार और मजबूती देखने को मिली है। उन्होंने इस प्रगति का श्रेय हाल के उच्च-स्तरीय दौरों और दोनों देशों के बीच बढ़ते संवाद को दिया। विशेष रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ब्रिटेन यात्रा और उसके बाद हुए आदान-प्रदान ने रिश्तों को नई दिशा दी है।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत और ब्रिटेन के बीच आर्थिक साझेदारी, व्यापार, निवेश और आपूर्ति श्रृंखला (सप्लाई चेन) के क्षेत्र में सहयोग लगातार बढ़ रहा है। इसके साथ ही दोनों देश वैश्विक चुनौतियों के समाधान और रणनीतिक मुद्दों पर भी निकटता से काम कर रहे हैं।
विदेश मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में भारत और ब्रिटेन जैसे साझेदार देशों का सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण है। दोनों देशों के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) और अन्य सहयोगी ढांचे भविष्य में संबंधों को और मजबूत बनाएंगे।
जयशंकर के अनुसार, भारत और ब्रिटेन के रिश्ते केवल आर्थिक या कूटनीतिक स्तर तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह साझेदारी भविष्य की वैश्विक व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों देशों के बीच बढ़ता सहयोग न केवल द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करेगा, बल्कि वैश्विक स्तर पर भारत की भूमिका को भी और प्रभावी बनाएगा।
विदेश मंत्री के इस बयान को भारत-ब्रिटेन संबंधों में नए युग की शुरुआत के संकेत के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें दोनों देश मिलकर रणनीतिक और आर्थिक सहयोग को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।





