यमुनोत्री/उत्तराखंड। यमुनोत्री धाम में तीर्थयात्रा के दौरान एक और श्रद्धालु की हृदयाघात से मौत हो गई। यह घटना बुधवार को हुई, जिससे धाम में मृतकों की संख्या अब 17 हो गई है। मृतक की उम्र लगभग 65 वर्ष बताई जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, मृतक तीर्थयात्रा के दौरान अचानक अस्वस्थ हो गए और मौके पर ही उनका निधन हो गया। स्वास्थ्य और राहत टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची, लेकिन चिकित्सकीय प्रयास के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।
यमुनोत्री धाम में इस मौसम में तीर्थयात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। पर्वतीय और कठिन मार्ग होने के कारण यात्रियों को शारीरिक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि उच्च जोखिम वाले व्यक्ति, जिनमें हृदय रोग या अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हैं, उन्हें यात्रा के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।
इस साल धाम में अब तक 17 तीर्थयात्रियों की मौत हो चुकी है, जिनमें ज्यादातर हृदयाघात और स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थितियों के कारण हुई हैं। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने तीर्थयात्रियों के लिए मेडिकल और राहत शिविर लगाए हैं। साथ ही, मार्ग में चिकित्सक और एम्बुलेंस की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।
स्थानीय प्रशासन ने तीर्थयात्रियों से अपील की है कि वे मौसम और मार्ग की कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए यात्रा करें। तीर्थयात्रियों को पर्याप्त जल, आराम और स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां बरतने की सलाह दी गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि उच्च ऊंचाई और कठिन पर्वतीय रास्ते में यात्रा करना स्वास्थ्य के लिए जोखिमपूर्ण हो सकता है। इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन लगातार स्वास्थ्य जांच और आपातकालीन सेवाओं को सक्रिय रखता है।
धाम प्रशासन ने मृतक श्रद्धालु के परिजनों से संपर्क कर उन्हें सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया है। इसके अलावा, सभी तीर्थयात्रियों को मार्ग में सतर्क रहने और स्वास्थ्य संबंधी लक्षण नजर आने पर तुरंत मदद लेने की सलाह दी गई है।





