नई दिल्ली।केंद्रीयवाणिज्य और उद्योग मंत्री पियूष गोयल ने कहा है कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौता (Trade Deal)जुलाई तक होने की उम्मीद है। उन्होंने यह जानकारी व्यापार और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से बातचीत के दौरान साझा की।
गोयल ने बताया कि दोनों देशों के बीच व्यापारिक वार्ता सकारात्मक दिशा में चल रही है और कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति बन चुकी है। उन्होंने कहा, “हम उम्मीद कर रहे हैं कि जुलाई तक समझौता अंतिम रूप ले लेगा, जिससे दोनों देशों के व्यवसायिक संबंधों को नया बढ़ावा मिलेगा।”
विशेषज्ञों का कहना है कि इस समझौते से भारत और अमेरिका के बीच वाणिज्यिक गतिविधियों, निवेश और निर्यात–आयात में तेजी आएगी। यह समझौता विशेष रूप से टेक्नोलॉजी, फार्मास्युटिकल्स, कृषि और डिजिटल सेवाओं के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने में मदद करेगा।
गोयल ने यह भी बताया कि दोनों देशों ने टैरिफ, व्यापार बाधाओं और निवेश सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर विचार–विमर्श तेज कर दिया है। उनका कहना है कि समझौते से दोनों देशों के व्यापारिक हितों और रोज़गार अवसरों को मजबूती मिलेगी।
व्यापार विश्लेषकों का अनुमान है कि जुलाई में अगर समझौता अंतिम रूप ले लेता है, तो इससे भारत के निर्यात में सुधार और विदेशी निवेश में वृद्धि की संभावना बढ़ जाएगी। इसके साथ ही अमेरिका के साथ आर्थिक सहयोग भी मजबूत होगा।
गोयल ने उद्योग जगत से कहा कि वे इस अवसर का लाभ उठाकर नए व्यापारिक अवसरों और निवेश योजनाओं को आगे बढ़ाएँ। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार व्यापारिक वातावरण को और अधिक पारदर्शी और निवेश–अनुकूल बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है।
इस समझौते को लेकर दोनों देशों के बीच जारी वार्ता को वैश्विक व्यापार पर असर डालने वाला कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौता भारत की अंतरराष्ट्रीय व्यापार नीति और आर्थिक विकास में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है।





