नई दिल्ली।वैश्विकडेटा सेंटर कंपनीAirTrunkने भारत में बड़े पैमाने पर निवेश की घोषणा की है। कंपनी देश में लगभग3 लाख करोड़ रुपये का निवेश कर 5 गीगावाट (GW) क्षमता वाले अत्याधुनिक डेटा सेंटर विकसित करने की योजना बना रही है।
इस निवेश को भारत के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और क्लाउड इकोसिस्टम के लिए एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इससे देश में डेटा स्टोरेज, क्लाउड कंप्यूटिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित सेवाओं को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
सूत्रों के अनुसार, AirTrunk का यह विस्तार चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा और इसमें कई बड़े शहरों को शामिल किए जाने की संभावना है। डेटा सेंटरों के निर्माण से भारत में डिजिटल सेवाओं की गति और क्षमता दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह का निवेश भारत को एशिया के प्रमुख डेटा हब के रूप में स्थापित करने में मदद कर सकता है। इससे न केवल घरेलू कंपनियों को फायदा होगा, बल्कि वैश्विक टेक कंपनियों के लिए भी भारत एक आकर्षक बाजार बन जाएगा।
सरकारी और उद्योग जगत के जानकारों का कहना है कि डेटा सेंटर उद्योग में इस स्तर का निवेश देश में रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा, खासकर आईटी, इंजीनियरिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्रों में।
इसके अलावा, यह निवेश भारत की डिजिटल इंडिया और मेक इन इंडिया नीतियों को भी गति देगा। बढ़ती डेटा जरूरतों को देखते हुए देश में मजबूत डिजिटल बैकबोन तैयार करना सरकार की प्राथमिकता रही है।
विश्लेषकों का कहना है कि AI, क्लाउड सेवाओं और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन के बढ़ते दौर में यह निवेश भारत के तकनीकी भविष्य को नई दिशा दे सकता है।





