रुद्रपुर। साइबर क्राइम पुलिस ने उत्तराखंड के बाजपुर में साइबर अपराधियों की इंटरनेट कॉल को भारतीय मोबाइल नंबर में बदलकर उनकी पहचान छिपाने वाले नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने किराये के कमरे से मुरादाबाद निवासी कादिर अली को गिरफ्तार किया है। उसके कब्जे से दो सिम बॉक्स, 77 एंटीना, 114 एयरटेल सिम, इंटरनेट राउटर और अन्य उपकरण बरामद किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई संचार मंत्रालय से मिले एक गोपनीय पत्र के आधार पर शुरू की गई जांच के बाद हुई। साइबर थाना पुलिस 72 संदिग्ध मोबाइल नंबरों की जांच कर रही थी। इन नंबरों की गतिविधियां बाजपुर के चकरपुर क्षेत्र की एक सेल साइट से जुड़ी मिली थीं। जांच के दौरान पुलिस और एसटीएफ की टीम ने सिम विक्रेता से पूछताछ की, जिसके बाद कादिर अली तक पहुंच बनाई गई।
पुलिस ने बताया कि कादिर बाजपुर में ईदगाह के सामने एक इमारत की दूसरी मंजिल पर 5,000 रुपये मासिक किराये के कमरे में रह रहा था। सोमवार देर रात संयुक्त टीम ने कमरे में दबिश देकर उसे गिरफ्तार किया। वहां से 32-स्लॉट सिम बॉक्स, 77 एंटीना, 114 सिम, राउटर, नेटवर्क केबल, एडॉप्टर, मीडिया कन्वर्टर और मोबाइल फोन बरामद किया गया।
विदेश से आने वाली कॉल को लोकल नंबर में बदलता था
पूछताछ में पुलिस के अनुसार कादिर ने बताया कि वह इंटरनेट के जरिये विदेश से आने वाली साइबर अपराधियों की कॉल को सिम बॉक्स में लगे भारतीय सिम के माध्यम से सामान्य मोबाइल कॉल में बदलता था। इससे कॉल करने वाले का वास्तविक विदेशी नंबर और पहचान छिप जाती थी तथा सामने वाले व्यक्ति के फोन पर भारतीय मोबाइल नंबर दिखाई देता था।
जांच में आरोपी के बांग्लादेशी नागरिक शाहिद के संपर्क में होने की बात भी सामने आई है। पुलिस के अनुसार शाहिद ने उसे सिम बॉक्स उपलब्ध कराए थे और इनके संचालन के बदले हर महीने 50 हजार रुपये भेजता था। कादिर ने अलग-अलग लोगों की पहचान पर सिम भी हासिल किए थे।
पुलिस अब बरामद सिम और उपकरणों से हुई कॉल का विवरण जुटा रही है, ताकि पता लगाया जा सके कि इनका इस्तेमाल किन साइबर अपराधों में हुआ। मामले में भारतीय न्याय संहिता, आईटी एक्ट और दूरसंचार अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।




