देहरादून/बाघेश्वर: बाघेश्वर धाम के प्रमुख साधु और प्रख्यात प्रवचनकार धीरेंद्र शास्त्री ने गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि गाय सिर्फ भारतीय संस्कृति का प्रतीक नहीं बल्कि सामाजिक और धार्मिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है।
धीरेंद्र शास्त्री ने अपने भाषण में कहा कि गाय के संरक्षण और सम्मान को बढ़ावा देने के लिए इसे राष्ट्रीय पशु का दर्जा दिया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि गाय के प्रति सम्मान सभी समुदायों का कर्तव्य होना चाहिए और इसे धर्म या जाति तक सीमित नहीं किया जा सकता।
इस अवसर पर मुस्लिम समुदाय के कुछ प्रतिनिधियों ने भी शास्त्री की इस मांग का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि सभी धर्मों और समाजों में गाय के महत्व को समझते हुए इस पहल का स्वागत किया जाना चाहिए। इससे समाज में सहिष्णुता और धार्मिक समरसता को भी बढ़ावा मिलेगा।
धीरेंद्र शास्त्री ने अपने भक्तों से अपील की कि वे गायों की रक्षा और देखभाल में आगे आएं। उन्होंने कहा कि यह कदम न केवल सांस्कृतिक और धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है बल्कि देश में कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए भी उपयोगी होगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि गाय को राष्ट्रीय पशु बनाने की मांग लंबे समय से विभिन्न समाजिक और धार्मिक संगठनों द्वारा उठाई जा रही है। हालांकि, सरकारी स्तर पर इसे लागू करने के लिए कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी करनी होती हैं।
धीरेंद्र शास्त्री के इस प्रस्ताव पर सोशल मीडिया और स्थानीय समाज में भी चर्चा शुरू हो गई है। समर्थकों ने इसे स्वागत योग्य कदम बताया तो कुछ ने इस पर अलग–अलग दृष्टिकोण भी व्यक्त किए।
धीरेंद्र शास्त्री ने जोर देकर कहा कि गाय केवल धार्मिक प्रतीक नहीं बल्कि भारतीय जीवन शैली का अभिन्न हिस्सा है और उसका संरक्षण हर नागरिक का कर्तव्य होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी समुदायों के सहयोग से यह पहल सफल हो सकती है।





