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बदरीनाथ से लौट रहा हेलीकॉप्टर चमोली में क्रैश, पायलट समेत छह की मौत; दुर्गम पहाड़ी पर दूसरे दिन भी रेस्क्यू जारी

चमोली। उत्तराखंड के चमोली जिले में शुक्रवार को हुए हेलीकॉप्टर हादसे के बाद शनिवार सुबह एक बार फिर बचाव अभियान शुरू किया गया। बदरीनाथ धाम से देहरादून लौट रहा निजी कंपनी का हेलीकॉप्टर जोशीमठ के पास हाथी पर्वत क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। हादसे में पायलट समेत सभी छह लोगों की मौत हो गई। दुर्गम पहाड़ी इलाका, घना जंगल और खराब मौसम बचाव दलों के लिए बड़ी चुनौती बने हुए हैं।

हेलीकॉप्टर में पांच यात्री और एक पायलट सवार थे। मृतकों की पहचान पायलट कैप्टन हिमांशु सभरवाल और कर्नाटक निवासी पांच यात्रियों के रूप में हुई है। हेलीकॉप्टर ट्रांस भारत एविएशन कंपनी का था। यह बदरीनाथ से देहरादून के सहस्रधारा हेलीपैड के लिए रवाना हुआ था।

सुबह पांच बजे फिर शुरू हुआ अभियान

शुक्रवार को सेना की टीम सबसे पहले दुर्घटनास्थल तक पहुंची थी। वहां सभी छह लोगों की मौत की पुष्टि की गई। हालांकि, अंधेरा होने और पहाड़ी रास्ते बेहद कठिन होने के कारण शवों को नीचे लाने का अभियान रोकना पड़ा। शनिवार सुबह करीब पांच बजे सेना, आईटीबीपी, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने दोबारा अभियान शुरू किया।

प्रशासन के अनुसार, शवों को सुरक्षित रास्ते से पांडुकेश्वर या छाई गांव तक लाने की योजना है। इसके बाद उन्हें जोशीमठ पहुंचाया जाएगा। आसपास हिमालयी भालुओं की मौजूदगी के कारण भी बचाव दलों को सतर्कता बरतनी पड़ रही है।

खराब मौसम को माना जा रहा हादसे की वजह

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, उड़ान के दौरान हाथी पर्वत क्षेत्र में मौसम खराब था और दृश्यता काफी कम हो गई थी। इसी दौरान हेलीकॉप्टर पहाड़ी से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हालांकि, हादसे के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही होगी।

पूरी कंपनी के हेलीकॉप्टरों की उड़ान पर रोक

हादसे के बाद एहतियात के तौर पर ट्रांस भारत एविएशन के पूरे हेलीकॉप्टर बेड़े की उड़ान पर रोक लगा दी गई है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) और विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) की टीमें घटनास्थल पर पहुंचकर दुर्घटना के कारणों की जांच करेंगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी अधिकारियों को विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं।

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