नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने सुरक्षा काफिले के आकार को कम करने का बड़ा निर्णय लिया है। प्रधानमंत्री ने स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (SPG) को निर्देश दिया है कि उनके आधिकारिक काफिले में शामिल वाहनों की संख्या लगभग 50 प्रतिशत तक घटाई जाए।
सूत्रों के अनुसार, यह निर्णय सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावित किए बिना उसे अधिक प्रभावी और व्यावहारिक बनाने के उद्देश्य से लिया गया है। काफिले में कमी के बावजूद प्रधानमंत्री की सुरक्षा में कोई समझौता नहीं किया जाएगा और सभी आवश्यक सुरक्षा प्रोटोकॉल यथावत लागू रहेंगे।
बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री ने स्वयं सुरक्षा एजेंसियों से व्यवस्था की समीक्षा करने को कहा था। समीक्षा के बाद यह पाया गया कि तकनीकी निगरानी, उन्नत संचार प्रणाली और आधुनिक सुरक्षा संसाधनों के कारण कम वाहनों के साथ भी सुरक्षा मानकों को बनाए रखा जा सकता है।
सरकारी सूत्रों का कहना है कि काफिले के आकार में कमी से यातायात बाधा कम होगी, आम नागरिकों को होने वाली असुविधा घटेगी और सुरक्षा संचालन अधिक सुगम बन सकेगा। यह कदम वीआईपी मूवमेंट को सरल और जनहित के अनुरूप बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, विश्व के कई देशों में शीर्ष नेताओं के काफिलों को तकनीकी सुरक्षा प्रणाली के कारण छोटा रखा जाता है। भारत में भी सुरक्षा ढांचे के आधुनिकीकरण के साथ यह बदलाव एक नई प्रशासनिक सोच का संकेत माना जा रहा है।
हालांकि आधिकारिक स्तर पर विस्तृत सुरक्षा विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया है, लेकिन स्पष्ट किया गया है कि प्रधानमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था बहु-स्तरीय बनी रहेगी और खुफिया एजेंसियों की निगरानी पहले की तरह जारी रहेगी।
इस निर्णय को प्रशासनिक दक्षता, जनसुविधा और आधुनिक सुरक्षा प्रबंधन के संतुलन की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।





