नई दिल्ली। देश में मौसम पूर्वानुमान प्रणाली को अधिक आधुनिक और उपयोगी बनाने की दिशा में भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बड़ा कदम उठाया है। विभाग ने दो नई मौसम सेवाओं की शुरुआत की है, जिनकी मदद से अब नागरिकों, किसानों और आपदा प्रबंधन एजेंसियों को चार सप्ताह पहले तक मौसम की जानकारी उपलब्ध कराई जा सकेगी।
मौसम विभाग के अनुसार नई सेवाओं का उद्देश्य केवल सामान्य पूर्वानुमान देना नहीं, बल्कि बदलते जलवायु परिदृश्य और बढ़ती चरम मौसम घटनाओं—जैसे भारी बारिश, लू, चक्रवात और अत्यधिक ठंड—के लिए समय रहते तैयारी सुनिश्चित करना है।
इन सेवाओं के माध्यम से सप्ताह-दर-सप्ताह मौसम के रुझानों की जानकारी जारी की जाएगी। इससे कृषि कार्यों की योजना, जल संसाधन प्रबंधन, ऊर्जा मांग का आकलन तथा आपदा जोखिम कम करने में सहायता मिलेगी। विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय के पूर्वानुमान से किसानों को बुवाई, सिंचाई और फसल सुरक्षा से जुड़े निर्णय लेने में बड़ी मदद मिलेगी।
IMD ने बताया कि नई प्रणाली अत्याधुनिक मौसम मॉडल और उच्च-रिज़ॉल्यूशन पूर्वानुमान तकनीक पर आधारित है। हाल के वर्षों में भारत ने स्वदेशी मौसम पूर्वानुमान क्षमता को मजबूत किया है, जिसके तहत अधिक सटीक डेटा विश्लेषण और सुपरकंप्यूटिंग मॉडल का उपयोग किया जा रहा है।
विभाग का मानना है कि मौसम संबंधी अग्रिम चेतावनी प्रणाली मजबूत होने से जान-माल के नुकसान को कम किया जा सकेगा। शहरी प्रशासन, विमानन, समुद्री गतिविधियों और ऊर्जा क्षेत्र को भी इन सेवाओं से लाभ मिलने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों के अनुसार जलवायु परिवर्तन के दौर में मौसम की अनिश्चितता बढ़ रही है, ऐसे में दीर्घकालिक पूर्वानुमान सेवाएँ भविष्य की योजना बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगी।
IMD ने नागरिकों से अपील की है कि वे आधिकारिक मौसम बुलेटिन और अलर्ट पर नियमित रूप से ध्यान दें, ताकि मौसम से जुड़े जोखिमों से समय रहते बचाव किया जा सके।





