नई दिल्ली | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही फ्रांस और स्लोवाकिया का दौरा करेंगे और इस अवसर पर वे G7 शिखर सम्मेलन में भी हिस्सा लेंगे। यह यात्रा भारत की वैश्विक कूटनीति को मजबूत करने और अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा कई द्विपक्षीय और बहुपक्षीय बैठकों को लेकर है। फ्रांस में वे आर्थिक सहयोग, निवेश और जलवायु परिवर्तन जैसे मुद्दों पर वार्ता करेंगे। इसके अलावा भारत और फ्रांस के बीच रक्षा, तकनीकी और विज्ञान के क्षेत्र में साझेदारी को और मजबूत करने की योजना है।
प्रधानमंत्री मोदी स्लोवाकिया में भी महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बातचीत करेंगे। इस दौरान व्यापार, ऊर्जा, तकनीकी नवाचार और वैश्विक सुरक्षा पर चर्चा की जाएगी। साथ ही दोनों देशों के बीच सहयोग को नई ऊँचाइयों तक ले जाने पर जोर दिया जाएगा।
प्रधानमंत्री मोदी G7 शिखर सम्मेलन में भाग लेकर वैश्विक अर्थव्यवस्था, सतत विकास और जलवायु परिवर्तन जैसे अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भारत की भूमिका को उजागर करेंगे। भारत की वैश्विक मंच पर सक्रिय भागीदारी के साथ-साथ व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने के लिए यह अवसर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
विदेश मंत्रालय ने बताया कि इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी कई द्विपक्षीय समझौतों और समझौतों पर हस्ताक्षर करेंगे, जो भारत के विकास और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के लिए लाभकारी होंगे।
विशेषज्ञों का कहना है कि प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा भारत के कूटनीतिक प्रभाव और वैश्विक नेतृत्व को और सशक्त करेगी। इसके साथ ही यह कदम भारत को G7 देशों और यूरोपीय यूनियन के साथ सहयोग में नई दिशा देगा।
प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने भी ट्वीट कर इस यात्रा की जानकारी दी और बताया कि यह दौरा भारत के वैश्विक दृष्टिकोण और अंतरराष्ट्रीय साझेदारी को मजबूती देने की दिशा में अहम साबित होगा।
इस शिखर सम्मेलन और द्विपक्षीय दौरों से भारत की वैश्विक नीति में नई ताकत और रणनीतिक दृष्टिकोण के संकेत मिलेंगे। यात्रा से भारतीय उद्योग और व्यापार जगत को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।





