नई दिल्ली। संसद परिसर में मंगलवार को आयोजित राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की संसदीय दल की साप्ताहिक बैठक ‘मंगल मिलन’ में पहली बार नेशनल सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) के सांसद शामिल हुए। हाल ही में तृणमूल कांग्रेस छोड़कर NCPI में आए सांसदों की NDA बैठक में यह पहली आधिकारिक भागीदारी रही।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों की मौजूदगी में आयोजित बैठक में आगामी संसदीय कार्यवाही, सरकार के विधायी एजेंडे और विभिन्न राष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा की गई। बैठक के दौरान मुक्त व्यापार समझौतों (FTA), किसानों से जुड़े विषयों तथा संसद के मौजूदा सत्र की रणनीति पर भी विचार-विमर्श हुआ।
बैठक के बाद NCPI सांसद सायोनी घोष ने कहा कि यह उनके लिए महत्वपूर्ण और जानकारीपूर्ण अनुभव रहा। उन्होंने कहा कि बैठक में देश की आर्थिक प्रगति, व्यापार समझौतों और सरकार की प्राथमिकताओं पर विस्तार से चर्चा हुई। वहीं सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने कहा कि पहली बार पार्टी के 20 सांसदों को NDA की बैठक में आमंत्रित किया गया, जिससे उन्हें सरकार की नीतियों को बेहतर ढंग से समझने का अवसर मिला।
सूत्रों के अनुसार, बैठक में लोकसभा में पेश किए जाने वाले पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) संशोधन विधेयक, 2026 सहित अन्य महत्वपूर्ण विधेयकों पर भी चर्चा हुई। NDA ने इन विधेयकों पर सदन में प्रभावी तरीके से पक्ष रखने की रणनीति तैयार की।
NCPI के NDA में शामिल होने को सत्तारूढ़ गठबंधन के विस्तार के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, तृणमूल कांग्रेस ने इन सांसदों के दल बदल को लेकर लोकसभा अध्यक्ष से अयोग्यता याचिकाओं पर शीघ्र निर्णय की मांग की है। इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक हलकों में बहस जारी है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि संसद के मौजूदा सत्र के दौरान NCPI सांसदों की सक्रिय भागीदारी NDA की संसदीय रणनीति को मजबूती दे सकती है। वहीं विपक्ष इस घटनाक्रम को दल-बदल और संसदीय मर्यादाओं से जोड़कर सरकार पर सवाल उठाने की तैयारी में है।





