Top 5 This Week

Related Posts

पश्चिम एशिया में जहाजों पर हमलों से भारत चिंतित, UN में नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया

संयुक्त राष्ट्र। पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव और व्यापारिक जहाजों पर लगातार हो रहे हमलों को लेकर भारत ने गंभीर चिंता जताई है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भारत ने नागरिक बुनियादी ढांचे, वाणिज्यिक जहाजों और नाविकों को निशाना बनाए जाने की कड़ी निंदा करते हुए सभी पक्षों से तत्काल हमले रोकने की अपील की।

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत हरीश पर्वतनेनी ने गुरुवार को सुरक्षा परिषद की बहस में कहा कि पश्चिम एशिया की सुरक्षा और स्थिरता भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने जोर दिया कि क्षेत्र में शांति बहाल करने के लिए तनाव कम करना और बातचीत व कूटनीति का रास्ता अपनाना जरूरी है।

सऊदी अरब के नागरिक ठिकानों पर हमलों की निंदा

भारत ने सऊदी अरब के रियाद और अन्य क्षेत्रों में नागरिक बुनियादी ढांचे तथा हवाई अड्डों पर हुए हमलों की आलोचना की। भारतीय प्रतिनिधि ने कहा कि ऐसे हमले क्षेत्रीय अस्थिरता को और बढ़ाते हैं। भारत ने सऊदी अरब की संप्रभुता और सुरक्षा के प्रति एकजुटता भी जताई।

इन हमलों में भारतीय नागरिक मोहम्मद युसुफ अली की मौत का मामला भी सामने आया है। भारत ने नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए हिंसा रोकने की जरूरत पर बल दिया।

कई व्यापारिक जहाजों पर हमलों से चिंता

भारत ने हाल के दिनों में कई वाणिज्यिक जहाजों पर हुए हमलों का उल्लेख किया। इनमें भारतीय ध्वज वाला एमवी डीपी वर्ल्ड कावेरी और एमटी पेट्रो डॉल्फिन, एमटी वाल्थेरा, एमटी ऑन पीस तथा एमटी काजिमाह III शामिल हैं। इन जहाजों पर भारतीय नाविक भी सवार थे।

भारत ने कहा कि व्यापारिक जहाजों और नाविकों पर हमले कानूनी और नैतिक रूप से अनुचित हैं। अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों पर सुरक्षित आवाजाही और समुद्री व्यापार का निर्बाध संचालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

नाविकों की सुरक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय पहल

भारत ने संकट के दौरान भारतीय नाविकों की मदद करने के लिए ओमान और संयुक्त अरब अमीरात के अधिकारियों का आभार जताया। साथ ही, भारत और लाइबेरिया की ओर से संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान शुरू की गई ‘ग्रुप ऑफ फ्रेंड्स’ पहल का उल्लेख किया गया। इसमें 23 देश शामिल हुए हैं, जिनका उद्देश्य जहाजों और नाविकों की सुरक्षा के लिए सहयोग बढ़ाना है।

भारत ने यमन की एकता और संप्रभुता का समर्थन दोहराते हुए समुद्री मार्गों की सुरक्षा को अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारी बताया।

Popular Articles