देहरादून जाने वाली नंदा देवी एक्सप्रेस ट्रेन में बदमाशों द्वारा लूटपाट की कोशिश का मामला सामने आया है। ट्रेन जब कोटा से देहरादून की ओर अपने निर्धारित मार्ग पर थी, तभी रास्ते में कुछ असामाजिक तत्वों ने ट्रेन को रोकने और यात्रियों को निशाना बनाने का प्रयास किया। हालांकि यात्रियों और रेलवे स्टाफ की सतर्कता के कारण आरोपियों की योजना सफल नहीं हो सकी और बड़ा हादसा टल गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार घटना देर रात उस समय हुई जब ट्रेन एक सुनसान रेलवे खंड से गुजर रही थी। कुछ संदिग्ध लोगों ने ट्रेन की गति कम करवाने और उसे रोकने की कोशिश की। प्रारंभिक आशंका है कि बदमाश यात्रियों से लूटपाट की मंशा से मौके पर मौजूद थे। ट्रेन स्टाफ ने तुरंत स्थिति को भांपते हुए सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किया और रेलवे कंट्रोल रूम को सूचना दी।
सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और स्थानीय पुलिस को अलर्ट किया गया। सुरक्षा एजेंसियों की सक्रियता के कारण ट्रेन को सुरक्षित आगे बढ़ाया गया। घटना के बाद संबंधित रेलवे स्टेशनों पर अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था भी की गई और संदिग्ध गतिविधियों को लेकर निगरानी बढ़ा दी गई है।
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि किसी यात्री को कोई शारीरिक नुकसान नहीं पहुंचा और ट्रेन अपने गंतव्य की ओर सुरक्षित रवाना हो गई। हालांकि घटना ने रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल जरूर खड़े किए हैं, खासकर उन रूटों पर जहां रात के समय ट्रेनें अपेक्षाकृत सुनसान क्षेत्रों से गुजरती हैं।
यात्रियों ने बताया कि अचानक हुई हलचल से कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया था, लेकिन स्टाफ की तत्परता से स्थिति जल्द नियंत्रण में आ गई। कई यात्रियों ने ट्रेन कर्मचारियों की सतर्कता की सराहना की।
रेलवे प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज तथा स्थानीय इनपुट के आधार पर आरोपियों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपाय किए जाएंगे।





