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धामी कैबिनेट के बड़े फैसले: उत्तराखंड के वन क्षेत्रों में होगा मधुमक्खी पालन, मौनपालन नीति को मिली मंजूरी

देहरादून: उत्तराखंड की धामी सरकार ने राज्य के आर्थिक और सामाजिक विकास की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। गुरुवार को सचिवालय में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में ‘मौनपालन नीति’ (Apiculture Policy) के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी गई है। इसके साथ ही, कैबिनेट ने शिक्षा, परिवहन और वन विभाग सहित कई अन्य महत्वपूर्ण प्रस्तावों को भी मंजूरी दी है। सरकार का मुख्य उद्देश्य राज्य को शहद उत्पादन के क्षेत्र में देश का मॉडल राज्य बनाना है।

उत्तराखंड बनेगा शहद उत्पादन का मॉडल राज्य

राज्य का 71.05 प्रतिशत भूभाग वनों से आच्छादित है और इस भौगोलिक स्थिति का उपयोग शहद उत्पादन के लिए किया जाएगा।

  • वनों में मधुमक्खी पालन: नई नीति के तहत वनों से सटे आबादी वाले क्षेत्रों और वन क्षेत्रों में मौनबाक्स रखकर मधुमक्खी पालन किया जाएगा।
  • मानव-वन्यजीव संघर्ष में कमी: इस पहल से न केवल स्थानीय लोगों की आय में वृद्धि होगी, बल्कि हाथियों और मनुष्यों के बीच होने वाले संघर्ष को कम करने में भी मदद मिलेगी।
  • एसओपी (SOP) का निर्माण: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इससे पहले उत्तराखंड वन विकास निगम के रजत जयंती समारोह में प्रमुख सचिव वन को इस संबंध में निर्देश दिए थे। कैबिनेट की मंजूरी के बाद अब पूरे राज्य के लिए विस्तृत गाइडलाइंस और एसओपी (SOP) तैयार की जाएगी।

कैबिनेट के अन्य प्रमुख निर्णय

कैबिनेट बैठक में राज्य के विभिन्न विभागों से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए, जिनका विवरण इस प्रकार है:

  • परिवहन निगम को नई बसों की सौगात: पूर्व में शासन द्वारा परिवहन निगम को 100 बसें खरीदने की अनुमति दी गई थी। जीएसटी की दरों में 28 प्रतिशत से 18 प्रतिशत की कमी आने के बाद अब निगम 109 नई बसें खरीदेगा। इसके साथ ही, एक अन्य प्रस्ताव के तहत निगम को 200 नई बसें खरीदने की भी मंजूरी दे दी गई है।
  • मदरसों को मान्यता: अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के अंतर्गत कक्षा एक से आठ तक संचालित होने वाले मदरसों को अब जिला स्तर पर ही मान्यता प्रदान की जाएगी, जिसके लिए अध्यादेश लाने की मंजूरी दी गई है।
  • उच्च शिक्षा प्रोत्साहन योजना: मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा शोध प्रोत्साहन योजना का दायरा बढ़ा दिया गया है। अब इसका लाभ 21 ऐसे अशासकीय कॉलेजों को भी मिलेगा, जहां स्थायी प्रधानाचार्य (प्रिंसिपल) नियुक्त हैं।
  • हरिद्वार कुंभ मेला वित्तीय अधिकार: हरिद्वार कुंभ के दौरान होने वाले कार्यों की वित्तीय स्वीकृति के लिए अधिकारियों के अधिकार तय कर दिए गए हैं। अब मेला अधिकारी 1 करोड़ रुपये तक, मंडल आयुक्त 5 करोड़ रुपये तक के कार्य और 5 करोड़ रुपये से अधिक के कार्य शासन स्तर पर स्वीकृत किए जा सकेंगे।
  • वन विभाग में बदलाव: वन विभाग में वन दरोगा और वन आरक्षी (फॉरेस्ट गार्ड) के पदों की भर्ती के लिए शैक्षिक योग्यता और आयु सीमा में आवश्यक संशोधन किए गए हैं।
  • उत्तराखंड उप खनिज परिहार नियमावली: नियमावली में संशोधन को मंजूरी दी गई है, जिसके अनुसार अब खनिजों की रॉयल्टी दर में प्रति कुंतल 1 रुपये की वृद्धि की जाएगी।
  • दिव्यांग पदों का सृजन: हाईकोर्ट के आदेश के तहत वर्ष 2023 में कनिष्ठ अभियंता (JE) के 2010 पदों पर भर्ती की गई थी। उस समय दिव्यांगों के सात पद खाली रहने के कारण उन्हें अन्य उम्मीदवारों से भरा गया था, इसलिए अब इन सात पदों के नए सृजन को कैबिनेट ने स्वीकृति दी है।
  • विशेष शिक्षा नियमावली: सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार विशेष शिक्षा शिक्षकों की अर्हता तय करते हुए विशेष शिक्षक शिक्षा नियमावली को मंजूरी दी गई है।

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