कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने कोलकाता के धर्मतला क्षेत्र में प्रस्तावित 21 जुलाई शहीद दिवस रैली की अनुमति नहीं मिलने के खिलाफ कलकत्ता हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। पार्टी ने कोलकाता पुलिस के फैसले को चुनौती देते हुए अदालत से निर्धारित स्थान पर रैली आयोजित करने की अनुमति देने की मांग की है।
याचिका में टीएमसी ने कहा है कि शहीद दिवस रैली पार्टी का वर्षों पुराना वार्षिक कार्यक्रम है और इसे शांतिपूर्ण ढंग से आयोजित किया जाता रहा है। पार्टी का तर्क है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण सभा और प्रदर्शन करना संवैधानिक अधिकार है, इसलिए प्रशासन द्वारा अनुमति से इनकार किया जाना उचित नहीं है।
कोलकाता पुलिस ने सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए धर्मतला स्थित विक्टोरिया हाउस के सामने रैली की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। बताया गया है कि संबंधित स्थान पर दोनों टीएमसी गुटों की ओर से कार्यक्रम आयोजित करने के लिए आवेदन किया गया था, जिन्हें पुलिस ने अस्वीकार कर दिया।
मामले की सुनवाई अगले सप्ताह कलकत्ता हाईकोर्ट में होने की संभावना है। अदालत यह तय करेगी कि प्रशासन के फैसले को बरकरार रखा जाए या निर्धारित शर्तों के साथ रैली की अनुमति दी जाए। इससे पहले भी हाईकोर्ट विभिन्न राजनीतिक दलों की रैलियों को कुछ शर्तों और सीमित संख्या में प्रतिभागियों के साथ अनुमति देता रहा है, ताकि नागरिकों के शांतिपूर्ण सभा के अधिकार और सार्वजनिक व्यवस्था के बीच संतुलन बना रहे।
टीएमसी के लिए 21 जुलाई का शहीद दिवस राजनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस अवसर पर पार्टी बड़ी जनसभा आयोजित करती है, जिसमें वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल होते हैं। ऐसे में हाईकोर्ट का फैसला आगामी कार्यक्रम और राज्य की राजनीतिक गतिविधियों पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकता है।





