नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने ‘दीक्षा’ (DIKSHA) को देश के स्कूली शिक्षा तंत्र के लिए आधिकारिक ‘एक राष्ट्र, एक डिजिटल शिक्षा मंच’ के रूप में स्थापित किया है। इस पहल का उद्देश्य देशभर के विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों को एक ही मंच पर गुणवत्तापूर्ण, पाठ्यक्रम आधारित डिजिटल शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराना है।
सरकार के अनुसार, ‘दीक्षा’ प्लेटफॉर्म के माध्यम से कक्षा 1 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए विषयवार अध्ययन सामग्री, वीडियो, ई-पुस्तकें, अभ्यास प्रश्न, मूल्यांकन मॉड्यूल तथा क्यूआर कोड आधारित डिजिटल कंटेंट उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे विद्यार्थियों को कक्षा में पढ़ाए जाने वाले विषयों की बेहतर समझ विकसित करने में मदद मिलेगी।
यह मंच केवल छात्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षकों के लिए भी प्रशिक्षण, पाठ योजनाएं, शिक्षण सामग्री और व्यावसायिक विकास से जुड़े विभिन्न ऑनलाइन पाठ्यक्रम उपलब्ध कराता है। शिक्षक अपनी दक्षता बढ़ाने के साथ-साथ प्रमाणपत्र भी प्राप्त कर सकते हैं।
‘दीक्षा’ की एक प्रमुख विशेषता इसकी बहुभाषी और ऑफलाइन सुविधा है। प्लेटफॉर्म पर विभिन्न भारतीय भाषाओं में सामग्री उपलब्ध है तथा इंटरनेट की सीमित उपलब्धता वाले क्षेत्रों के लिए भी अध्ययन सामग्री डाउनलोड कर ऑफलाइन उपयोग की जा सकती है। इससे ग्रामीण और दूरदराज़ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी डिजिटल शिक्षा का समान अवसर मिल सकेगा।
सरकार का कहना है कि यह प्लेटफॉर्म राष्ट्रीय और राज्य शिक्षा बोर्डों के पाठ्यक्रम के अनुरूप तैयार किया गया है। एनसीईआरटी की पुस्तकों में दिए गए क्यूआर कोड को स्कैन कर विद्यार्थी संबंधित विषय से जुड़ी अतिरिक्त डिजिटल सामग्री तक सीधे पहुंच सकते हैं।
केंद्र का मानना है कि ‘दीक्षा’ डिजिटल शिक्षा को अधिक समावेशी, सुलभ और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। यह मंच शिक्षा में तकनीक के व्यापक उपयोग को बढ़ावा देने के साथ-साथ देशभर में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा संसाधनों तक समान पहुंच सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाएगा।





