मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले पुलिस ने की कार्रवाई, AISA अध्यक्ष नेहा बोरा को हिदायत देकर छोड़ा
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके को शांति भंग होने की आशंका के मद्देनजर गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 126 और 170 के तहत निवारक कार्रवाई की है। उन्हें शनिवार को विशेष कार्यपालक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किए जाने की बात कही गई है।
यह कार्रवाई दिल्ली के कनॉट प्लेस में प्रस्तावित ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च से पहले की गई। इस प्रदर्शन के जरिए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई जानी थी। पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रदर्शन को लेकर सतर्कता बढ़ा दी थी।
शांति भंग की आशंका में कार्रवाई
दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, अभिजीत दीपके के खिलाफ यह दूसरी बार निवारक कार्रवाई की गई है। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के मद्देनजर उन्हें कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क नहीं जाने के लिए नोटिस दिए गए थे, लेकिन कथित तौर पर निर्देशों का पालन नहीं किया गया।
पुलिस यह भी जांच रही है कि क्या दीपके ने पहले शांति बनाए रखने के लिए दिए गए बांड की शर्तों का उल्लंघन किया है। इससे पहले CJP के सह-संयोजक सौरव दास और आशुतोष रांका को भी निवारक कार्रवाई के तहत हिरासत में लिया गया था। दोनों के तिहाड़ जेल में होने की जानकारी रिपोर्ट में दी गई है।
AISA अध्यक्ष नेहा बोरा रिहा
इसी मामले में दिल्ली पुलिस ने ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा को भी हिरासत में लिया था। हालांकि, आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उन्हें सख्त हिदायत देकर छोड़ दिया गया।
प्रदर्शन को लेकर बढ़ा तनाव
CJP की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के मुद्दे पर प्रदर्शन का आह्वान किया गया था। पुलिस ने बिना अनुमति प्रदर्शन आयोजित किए जाने और कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका को कार्रवाई का आधार बताया है।
वहीं, CJP की ओर से दीपके की हिरासत को लेकर सवाल उठाए गए हैं। मामले में आगे की कार्रवाई मजिस्ट्रेट के समक्ष सुनवाई और संबंधित कानूनी प्रक्रिया के आधार पर तय होगी।





