नई दिल्ली। दिल्ली में कोयला घोटाले से जुड़े मामलों की सुनवाई कर रहे दो न्यायाधीशों को सुप्रीम कोर्ट ने बदल दिया है। यह कार्रवाई दिल्ली हाई कोर्ट के अनुरोध पर की गई। हाई कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि दोनों न्यायाधीशों को अन्य जिम्मेदारियों के लिए नियुक्त किया जाना अधिक उपयुक्त होगा। यह बदलाव कोयला घोटाले से जुड़े महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई के बीच हुआ है।
सुप्रीम कोर्ट ने करीब छह महीने पहले कोयला घोटाला मामलों की सुनवाई के लिए एक सत्र न्यायाधीश की विशेष नियुक्ति की थी। अब हाई कोर्ट के अनुरोध के बाद उन्हें इस जिम्मेदारी से मुक्त कर दिया गया है। इसके साथ ही एक विशेष सीबीआई न्यायाधीश को भी नई जिम्मेदारी देने का निर्णय लिया गया है।
हाई कोर्ट ने मांगा था बदलाव
दिल्ली हाई कोर्ट की ओर से सुप्रीम कोर्ट को भेजे गए अनुरोध में कहा गया कि संबंधित दोनों न्यायाधीश कुछ अन्य जिम्मेदारियों के लिए अधिक उपयुक्त हैं। इसके बाद शीर्ष अदालत ने न्यायाधीशों के कार्यभार में बदलाव को मंजूरी दी।
कोयला ब्लॉक आवंटन से जुड़े मामले लंबे समय से दिल्ली की विशेष अदालतों में चल रहे हैं। इन मामलों की जांच और सुनवाई में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 2014 में कोयला ब्लॉक आवंटन से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए विशेष सीबीआई अदालत की व्यवस्था की थी।
संवेदनशील मामलों की सुनवाई पर असर
कोयला घोटाला मामलों में पूर्व सरकारी अधिकारियों, कंपनियों और अन्य संबंधित पक्षों के खिलाफ मुकदमे चल चुके हैं। ऐसे में न्यायाधीशों में बदलाव को इन मामलों की आगे की सुनवाई के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
हालांकि, न्यायाधीशों को हटाने के पीछे किसी विशेष मामले में उनके निर्णय या कार्यप्रणाली को कारण नहीं बताया गया है। हाई कोर्ट के अनुरोध के अनुसार यह प्रशासनिक पुनर्व्यवस्था है। आने वाले समय में संबंधित मामलों की सुनवाई नई जिम्मेदारी संभालने वाले न्यायाधीशों के समक्ष आगे बढ़ेगी।





