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OTT पर अश्लील कंटेंट पर लगेगी लगाम, सरकार बना रही व्यापक नियामक ढांचा

नई दिल्ली। ओटीटी प्लेटफॉर्म पर बढ़ते अश्लील और आपत्तिजनक कंटेंट को लेकर केंद्र सरकार सख्त नियमन की तैयारी में है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने संसदीय समिति को बताया है कि ओटीटी पर प्रसारित होने वाले ऐसे कार्यक्रमों को नियंत्रित करने के लिए व्यापक वैधानिक ढांचा तैयार करने पर विचार किया जा रहा है, जो समाज के नैतिक मानकों के प्रतिकूल माने जाते हैं। साथ ही, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और व्यक्तिगत अधिकारों के संतुलन का भी ध्यान रखा जाएगा।

मौजूदा व्यवस्था में हो सकता है बदलाव

फिलहाल ओटीटी प्लेटफॉर्म सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यस्थ दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 के तहत विनियमित होते हैं। इन नियमों में डिजिटल समाचार प्रकाशकों और ओटीटी प्लेटफॉर्म के लिए आचार संहिता तथा तीन स्तरीय शिकायत निवारण व्यवस्था का प्रावधान है। इसमें पहले स्तर पर प्लेटफॉर्म का स्व-नियमन, दूसरे स्तर पर स्व-नियामक निकाय और तीसरे स्तर पर केंद्र सरकार की निगरानी व्यवस्था शामिल है।

सरकार का मानना है कि मौजूदा व्यवस्था के बावजूद कुछ प्लेटफॉर्म पर अश्लील और कानून का उल्लंघन करने वाली सामग्री की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। ऐसे में अधिक प्रभावी और स्पष्ट कानूनी व्यवस्था की जरूरत महसूस की जा रही है।

पहले भी हुई कार्रवाई

अश्लील कंटेंट को लेकर सरकार पहले भी कई ओटीटी प्लेटफॉर्म के खिलाफ कार्रवाई कर चुकी है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अनुसार, पिछले वर्षों में अश्लील सामग्री प्रदर्शित करने वाले कई प्लेटफॉर्म को ब्लॉक किया गया है। सरकार ने 2025 में भी 43 ओटीटी प्लेटफॉर्म को सार्वजनिक पहुंच से हटाने की जानकारी दी थी।

जुलाई 2026 में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में बताया था कि पिछले दो वर्षों में अश्लील सामग्री और कानून के प्रावधानों के उल्लंघन के चलते 50 ओटीटी प्लेटफॉर्म को भारत में सार्वजनिक पहुंच से निष्क्रिय किया गया।

प्रस्तावित नियामक ढांचे का उद्देश्य ओटीटी सामग्री पर निगरानी को मजबूत करना है। हालांकि, सरकार के सामने चुनौती ऐसी व्यवस्था बनाने की होगी, जिसमें अश्लील और हानिकारक सामग्री पर प्रभावी नियंत्रण के साथ रचनात्मक अभिव्यक्ति और संवैधानिक अधिकारों की भी रक्षा हो।

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