महामहिम राज्यपाल और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन प्रशासन को सौंपा
रुद्रपुर। शनिवार को श्रमिक संयुक्त मोर्चा के बेनर तले विभिन्न संगठनों के लोग जुलूस की शक्ल में कलेक्ट्रेट पहुंचे और उन्होंने टिहरी के दलित युवक केतन लाल के जघन्य हत्या के विरोध में प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने महामहिम राज्यपाल और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन प्रशासन को सौंपा। उन्होंने हत्यारों को शीघ्र सजा दिलाने एवं घटना की निष्पक्ष न्यायिक जांच की मांग की। साथ ही उन्होंने सरकार से प्रदेश में जातिगत और सांप्रदायिक हिंसा पर रोक के लिए प्रभावी कदम उठाने की भी माँग की।इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि झूठे जातीय दम्भ के करण उत्तराखंड में जातीय उत्पीड़न काफी बढ़ता जा रहा है। बीते 7 जून को आनर किलिंग’ के तहत टिहरी के देवल गांव के 18 वर्षीय एक दलित युवक केतन लाल धोखे से बुलाकर उसकी निर्ममता से हत्या कर दी गई और उसके दोस्त दिवाकर डिमरी को बेरहमी से घायल कर दिया। उन्होंने कहा कि केतन का अपराध सिर्फ यह था कि पड़ोसी लम्ब गांव की सवर्ण जाति की युवती उसके साथ पढ़ती थी और उसकी दोस्त थी। दोनों एक-दूसरे से प्रेम करने लगे थे।कोई वास्तविक प्रभावी कदम न उठाने से जातीय दंभ के कारण अपमान और हत्याओं का सिलसिला जारी है।
बीती 12 जून को मुख्यमंत्री के गृह क्षेत्र चंपावत में एक युवक टैक्सी चालक को जूते की माला पहनाकर सार्वजनिक रूप से अपमानित करना, साल 2022 में अल्मोड़ा के दलित युवक जगदीश की प्रेम विवाह के कारण सवर्ण ससुराल वालों द्वारा निर्मम हत्या, पौड़ी जिले के सतपुली में पुलिस की प्रताड़ना ने एक दलित युवक पंकज द्वारा आत्महत्या, टिहरी में शादी में साथ बैठकर खाने पर दलित युवक की हत्या, दलित भोजनमाताओं के हाथ का खाना न खाना जैसी अनंत घटनाएं आए दिन घटित हो रही हैं। ये घटनाएं आज के आधुनिक और वैज्ञानिक समाज में गहरा धब्बा है।वक्ताओं ने कहा कि आज जातीय नफरत हमारे समाज में बहुत गहराई तक मौजूद है। भेदभाव, छुआछूत, जातिगत अपमान, अत्याचार, हिंसा बेलगाम है। देवभूमि उत्तराखंड सांप्रदायिक, जातिगत और महिला हिंसा का केंद्र बन गया है, नफ़रत की राजनीति जिसे लगातार हवा दे रही है। ज्ञापन में कहा कि केतन लाल की जघन्य हत्यारों और दिवाकर डिमरी के आक्रान्ताओं को फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वारा शीघ्र सजा दिलाई जाए। पूरी घटना की निष्पक्ष न्यायिक जांच हो। पीड़ित परिवार को सुरक्षा, परिजनों को एक करोड़ रुपये का मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दिलाने की मांग की।
ज्ञापन देने वालों में श्रमिक संयुक्त मोर्चा के अध्यक्ष दिनेश तिवारी, सीएसटीयू के माहसचिव मुकुल, दिनेश भट्ट, हरीश मौर्य,ललित मटियाली, समता सैनिक दल के गोपाल सिंह गौतम,शिवदेव सिंह, गोविंद सिंह, सुधीर कुमार, विजय कुमार आर्य, महेश पाल, धीरज जोशी, मनोज कुमार, आर्को विश्वास, आँचल पासवान आदि शामिल थे।





