नई दिल्ली, 27 जून (एजेंसी): विदेश मंत्रालय (MEA) के तोशाखाना में सुरक्षित करीब 300 बेशकीमती उपहारों की ई-नीलामी इन दिनों जारी है। ये वे उपहार हैं जो विदेशी गणमान्य व्यक्तियों द्वारा भारत सरकार के अधिकारियों को विभिन्न आधिकारिक दौरों के दौरान भेंट किए गए थे। इस नीलामी में लग्जरी घड़ियों से लेकर आभूषण, कलाकृतियां और अन्य दुर्लभ स्मृति चिह्न शामिल हैं।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह पहली बार है जब तोशाखाना में रखे गए उपहारों को आम जनता के लिए ई-नीलामी के माध्यम से उपलब्ध कराया गया है। नीलामी प्रक्रिया ऑनलाइन पोर्टल के जरिए की जा रही है और इसमें देशभर के इच्छुक बोलीदाता भाग ले सकते हैं।
नीलामी में शामिल वस्तुओं में लक्जरी ब्रांड की घड़ियां, चांदी और सोने से बने आभूषण, सजावटी वस्तुएं, कलात्मक स्मृति चिह्न, पारंपरिक हस्तशिल्प और ऐतिहासिक महत्व की वस्तुएं शामिल हैं। इनमें कुछ वस्तुओं की शुरुआती कीमत कुछ हजार रुपये से शुरू होकर लाखों रुपये तक पहुंच रही है।
विदेश मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, इस नीलामी का उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना और सरकारी उपहारों के निष्पादन की प्रक्रिया को सार्वजनिक बनाना है। इससे पहले ये वस्तुएं सरकारी तोशाखाना में सुरक्षित रखी जाती थीं और निर्धारित नियमों के तहत ही उनका निपटान किया जाता था।
बताया गया है कि यह नीलामी 30 जून तक जारी रहेगी, जिसके बाद सफल बोलीदाताओं को वस्तुओं की डिलीवरी की जाएगी। नीलामी से प्राप्त राशि भारत सरकार के समेकित कोष (Consolidated Fund of India) में जमा की जाएगी।
अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी इस तरह की नीलामी प्रक्रिया जारी रहेगी, जिससे जनता को ऐतिहासिक और संग्रहणीय वस्तुएं प्राप्त करने का अवसर मिलेगा और सरकारी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बनी रहेगी।
यह कदम सरकारी उपहारों के प्रबंधन में एक महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है, जिससे अब आम नागरिक भी इन दुर्लभ और ऐतिहासिक वस्तुओं के स्वामित्व का अवसर प्राप्त कर सकेंगे।




