तेहरान। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने एक चौंकाने वाला खुलासा करते हुए कहा है कि जिस समय ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के कार्यालय पर हमला हुआ था, उस दौरान वह स्वयं वहां मौजूद थे। उन्होंने इस घटना को ईरान के हालिया इतिहास की सबसे गंभीर घटनाओं में से एक बताया।
अराघची के अनुसार, यह हमला फरवरी में तेहरान पर हुए अमेरिकी-इजरायली सैन्य अभियान के शुरुआती चरण में हुआ था। उन्होंने कहा कि हमले की तीव्रता इतनी अधिक थी कि पूरे परिसर में अफरा-तफरी मच गई। ईरानी विदेश मंत्री ने इसे देश के नेतृत्व को निशाना बनाने की सुनियोजित कार्रवाई बताया।
अपने बयान में अराघची ने कहा कि उस दिन की घटनाएं आज भी उनके जेहन में ताजा हैं। उन्होंने दावा किया कि हमले का उद्देश्य ईरान की राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व संरचना को कमजोर करना था। इस घटना के बाद क्षेत्रीय तनाव और अधिक बढ़ गया तथा मध्य पूर्व में संघर्ष का नया दौर शुरू हो गया।
रिपोर्टों के अनुसार, फरवरी 2026 में तेहरान स्थित खामेनेई के कार्यालय और अन्य महत्वपूर्ण सरकारी ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए गए थे। इन हमलों ने ईरान की सत्ता व्यवस्था को झकझोर दिया और देश में नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया भी तेज हो गई।
विश्लेषकों का मानना है कि अराघची का यह बयान न केवल उस हमले की गंभीरता को दर्शाता है, बल्कि यह भी संकेत देता है कि ईरान अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर उस घटना को प्रमुखता से उठाना चाहता है। उनका बयान ऐसे समय आया है जब क्षेत्र में सुरक्षा और कूटनीतिक हालात अब भी संवेदनशील बने हुए हैं।
ईरान सरकार की ओर से कहा गया है कि देश अपनी सुरक्षा क्षमताओं को और मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है। वहीं, इस खुलासे के बाद एक बार फिर मध्य पूर्व में हुए उस हमले और उसके दूरगामी प्रभावों पर चर्चा तेज हो गई है।





