Monday, March 9, 2026

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तेहरान में कुदरत का कहर या युद्ध का दुष्प्रभाव? इजरायली हमले के बाद आसमान से बरसा ‘काला तेल’; जहरीली बारिश से ईरान में हाहाकार

तेहरान/तेल अवीव: पश्चिम एशिया में जारी भीषण युद्ध अब एक विनाशकारी पर्यावरणीय त्रासदी में बदल गया है। सोमवार, 9 मार्च 2026 को ईरान की राजधानी तेहरान के निवासियों ने एक खौफनाक मंजर देखा, जब आसमान से पानी के बजाय ‘काला गाढ़ा तेल’ बरसने लगा। इजरायली वायुसेना द्वारा तेहरान के बाहरी इलाकों में स्थित विशाल तेल डिपो और रिफाइनरियों को निशाना बनाए जाने के बाद यह स्थिति उत्पन्न हुई है। इस ‘जहरीली बारिश’ ने पूरे शहर में दहशत फैला दी है और जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।

कैसे हुई ‘तेल की बारिश’?

रक्षा विशेषज्ञों और पर्यावरणविदों के अनुसार, यह कोई प्राकृतिक घटना नहीं बल्कि युद्ध का सीधा परिणाम है:

  • रिफाइनरियों पर प्रहार: इजरायली मिसाइलों ने तेहरान के दक्षिण में स्थित ईरान की सबसे बड़ी तेल रिफाइनरियों और भंडारण टैंकों को तबाह कर दिया।
  • विस्फोट और वायुमंडलीय दबाव: धमाकों के कारण लाखों लीटर कच्चा तेल और ईंधन भाप बनकर धुएं के साथ आसमान में चला गया।
  • मिश्रण का बरसना: जब यह तैलीय धुआं ऊपरी वायुमंडल की ठंडी हवा और नमी से मिला, तो वह संघनित होकर तेल की बूंदों के रूप में जमीन पर गिरने लगा। तेहरान की सड़कों, कारों और घरों की छतों पर काले तेल की मोटी परत जम गई है।

तेहरान में हाहाकार: स्वास्थ्य और सुरक्षा का संकट

इस घटना ने ईरानी प्रशासन और आम जनता के सामने गंभीर चुनौतियां खड़ी कर दी हैं:

  1. जहरीली हवा: हवा में हाइड्रोकार्बन और सल्फर की मात्रा खतरनाक स्तर तक बढ़ गई है, जिससे लोगों को सांस लेने में भारी तकलीफ हो रही है। अस्पतालों में फेफड़ों और आंखों में जलन की शिकायत लेकर आने वाले मरीजों की कतारें लग गई हैं।
  2. फिसलन और दुर्घटनाएं: सड़कों पर तेल गिरने से भारी फिसलन हो गई है, जिसके कारण दर्जनों वाहन आपस में टकरा गए हैं। प्रशासन ने आपातकालीन स्थिति घोषित करते हुए लोगों को घरों के भीतर रहने की सलाह दी है।
  3. पेयजल का खतरा: स्थानीय जल निकायों और खुले जलाशयों में तेल मिलने से पीने के पानी के दूषित होने का खतरा पैदा हो गया है।

इजरायल का रुख: ‘ईरान की कमर तोड़ना मकसद’

इजरायली रक्षा बलों (IDF) ने इस हमले की पुष्टि करते हुए कहा कि उनका उद्देश्य ईरान की आर्थिक शक्ति और युद्ध लड़ने की क्षमता को नष्ट करना है:

  • रणनीतिक चोट: इजरायल का दावा है कि उन्होंने केवल उन्हीं ठिकानों को निशाना बनाया है जिनका उपयोग ईरान अपनी मिसाइल निर्माण और सैन्य संचालन के लिए करता है।
  • चेतावनी: इजरायली नेतृत्व ने साफ किया है कि जब तक ईरान और उसके सहयोगी संगठन हमले बंद नहीं करते, तब तक उसकी ऊर्जा संपत्तियों पर हमले जारी रहेंगे।

ईरान का पलटवार और अंतरराष्ट्रीय चिंता

ईरान के विदेश मंत्रालय ने इसे ‘मानवता के खिलाफ अपराध’ और ‘पर्यावरणीय आतंकवाद’ करार दिया है। तेहरान ने धमकी दी है कि वह इस ‘जहरीली बारिश’ का बदला इजरायल के प्रमुख शहरों और बंदरगाहों पर मिसाइलें बरसाकर लेगा। संयुक्त राष्ट्र (UN) के पर्यावरण कार्यक्रम ने चेतावनी दी है कि इस घटना से मिट्टी और भूजल को होने वाला नुकसान दशकों तक बना रह सकता है।

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