नई दिल्ली/टिहरी: उत्तराखंड के टिहरी जनपद से एक अत्यंत दुखद और रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है। गुरुवार दोपहर थाना चंबा क्षेत्र के अंतर्ग
त चंबा-कोटी कॉलोनी मार्ग पर एक यूटिलिटी वाहन अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरा। इस भीषण हादसे में 8 लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 2 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। हृदयविदारक बात यह है कि वाहन में सवार सभी लोग एक परिचित का अंतिम संस्कार कर ऋषिकेश से अपने गांव वापस लौट रहे थे।
हादसे का विवरण: नैल के पास अनियंत्रित हुआ वाहन
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह दुर्घटना चंबा-कोटी कॉलोनी मार्ग पर ‘नैल’ नामक स्थान के समीप हुई।
- सफर का उद्देश्य: वाहन में सवार सभी लोग ऋषिकेश में एक अंतिम संस्कार की क्रिया में शामिल होने गए थे। वहां से विदा लेकर वे अपने घर घनसाली की ओर वापस लौट रहे थे, लेकिन रास्ते में ही काल ने उन्हें अपना ग्रास बना लिया।
- अनियंत्रित होकर गिरी यूटिलिटी: प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वाहन अचानक अपना संतुलन खो बैठा और सड़क से नीचे लुढ़कते हुए सीधी गहरी खाई में जा गिरा।
राहत एवं बचाव कार्य: पुलिस और स्थानीय लोगों ने संभाला मोर्चा
हादसे की सूचना मिलते ही थाना चंबा पुलिस की टीम तत्काल मौके पर पहुँची और स्थानीय निवासियों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।
- दुर्गम खाई: खाई काफी गहरी और ढलान वाली थी, जिसके कारण शवों और घायलों को बाहर निकालने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
- घायलों की स्थिति: पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए दो घायलों को मलबे से बाहर निकाला और उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया। चिकित्सकों के अनुसार, दोनों की स्थिति नाजुक बनी हुई है।
घटनास्थल पर मची चीख-पुकार
हादसे की खबर मिलते ही मृतकों के गांवों में कोहराम मच गया है। एक ही क्षेत्र के आठ लोगों की मौत से पूरे जिले में शोक की लहर दौड़ गई है।
- शवों का पंचनामा: पुलिस ने आठों शवों को कब्जे में लेकर पंचनामे की कार्रवाई शुरू कर दी है, जिसके बाद उन्हें पोस्टमार्टम के लिए भेजा जाएगा।
- जांच के आदेश: प्रशासन ने दुर्घटना के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए जांच के निर्देश दिए हैं। प्राथमिक दृष्टि में ओवरलोडिंग या तकनीकी खराबी को हादसे की वजह माना जा रहा है।
पहाड़ी सड़कों पर सुरक्षा एक बड़ी चुनौती
चंबा-कोटी कॉलोनी मार्ग पर हुआ यह हादसा एक बार फिर पहाड़ी रास्तों की संवेदनशीलता को उजागर करता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नैल के पास सड़क की स्थिति और सुरक्षा घेरों (पैरापेट) की कमी अक्सर हादसों को दावत देती है।





