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टाटा संस में नेतृत्व परिवर्तन की आहट, एन चंद्रशेखरन नहीं लेंगे दूसरा कार्यकाल; फरवरी 2027 में होंगे विदा

मुंबई, 12 अगस्त। टाटा समूह की शीर्ष कंपनी टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने अपने मौजूदा कार्यकाल के बाद पद पर दोबारा नियुक्ति नहीं लेने का फैसला किया है। उनका वर्तमान कार्यकाल 20 फरवरी 2027 को समाप्त होगा। चंद्रशेखरन ने टाटा संस के बोर्ड को अपने निर्णय की जानकारी दे दी है और नए चेयरमैन के चयन की प्रक्रिया जल्द शुरू करने का आग्रह किया है।

चंद्रशेखरन ने कहा कि टाटा समूह में करीब चार दशक के पेशेवर जीवन के बाद उन्हें इस प्रतिष्ठित संस्थान का नेतृत्व करने का अवसर मिला, जो उनके लिए सम्मान और बड़ी जिम्मेदारी रहा। उन्होंने कहा कि समूह की कई महत्वपूर्ण रणनीतिक परियोजनाएं इस समय अहम चरण में हैं। ऐसे में फरवरी 2027 के बाद नेतृत्व को लेकर स्पष्टता कर्मचारियों, निवेशकों, साझेदारों और अन्य हितधारकों के लिए जरूरी है।

छह महीने से अटका था फैसला

चंद्रशेखरन के अगले पांच साल के कार्यकाल के प्रस्ताव पर इस साल फरवरी में टाटा संस के बोर्ड में चर्चा हुई थी, लेकिन इस पर सर्वसम्मति नहीं बन सकी। इसके बाद करीब छह महीने तक उनकी पुनर्नियुक्ति को लेकर कोई अंतिम निर्णय नहीं हो पाया। इसी गतिरोध के बीच उन्होंने अब तीसरा कार्यकाल लेने से इनकार कर दिया है।

रिपोर्टों के अनुसार, इस मामले ने टाटा संस और टाटा ट्रस्ट्स के बीच नेतृत्व तथा समूह की रणनीतिक दिशा को लेकर मतभेदों को भी उजागर किया है। टाटा ट्रस्ट्स की टाटा संस में बड़ी हिस्सेदारी है और ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा भी बोर्ड में महत्वपूर्ण भूमिका रखते हैं।

उत्तराधिकारी की तलाश बड़ी चुनौती

चंद्रशेखरन के जाने के ऐलान के बाद अब टाटा संस के सामने नए चेयरमैन के चयन की चुनौती है। कंपनी के नियमों के तहत उत्तराधिकारी चुनने की विशेष प्रक्रिया है, जिसमें प्रमुख टाटा ट्रस्ट्स की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। फिलहाल किसी उत्तराधिकारी के नाम की घोषणा नहीं की गई है।

चंद्रशेखरन 2017 में टाटा संस के चेयरमैन बने थे। उनके कार्यकाल में समूह ने विमानन, इलेक्ट्रॉनिक्स और डिजिटल कारोबार समेत कई नए क्षेत्रों में विस्तार किया। अब नेतृत्व परिवर्तन के साथ टाटा समूह की भविष्य की रणनीति और शासन व्यवस्था पर भी निगाहें रहेंगी।

 

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