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चुनाव आयोग के खिलाफ कांग्रेस और CJP के अलग-अलग प्रदर्शन, एक जैसी मांग के बावजूद क्यों नहीं साझा कर रहे मंच?

नई दिल्ली। चुनाव में कथित अनियमितताओं और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) विरोध प्रदर्शन कर रही हैं। दोनों संगठनों का मुद्दा एक होने के बावजूद उनके आंदोलन अलग-अलग चल रहे हैं। कांग्रेस और CJP के नेताओं ने अब तक एक मंच साझा नहीं किया है। इससे विपक्षी राजनीति में नेतृत्व और राजनीतिक प्रभाव को लेकर नए सवाल उठने लगे हैं। 

राहुल गांधी बोले- सभी प्रदर्शन एक ही आंदोलन का हिस्सा

विपक्ष के नेता राहुल गांधी से जब अलग-अलग प्रदर्शनों को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि सभी विरोध प्रदर्शन एक ही आंदोलन का हिस्सा हैं। कांग्रेस चुनाव प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर लगातार सवाल उठा रही है। वहीं, CJP भी मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर अपना अभियान चला रही है।

हालांकि, समान मांगों के बावजूद दोनों संगठनों ने अपने-अपने विरोध कार्यक्रम अलग रखे हैं। 12 अक्टूबर को विपक्षी गठबंधन के नेताओं ने कथित चुनावी अनियमितताओं के विरोध में सुप्रीम कोर्ट तक मार्च किया, जबकि CJP ने चुनाव आयोग के खिलाफ अपना अभियान जारी रखा।

राजनीतिक नेतृत्व को लेकर चर्चा तेज

कांग्रेस के आंदोलन से अलग CJP की सक्रियता ने विपक्षी राजनीति में नेतृत्व और राजनीतिक जगह को लेकर बहस तेज कर दी है। राहुल गांधी ने चुनावी अनियमितताओं के मुद्दे को विपक्ष की राजनीति का प्रमुख हिस्सा बनाया है। CJP के प्रदर्शनों में भी मतदाता अधिकारों और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग उठाई जा रही है।

हालांकि, कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय प्रवक्ता संजय झा ने दोनों संगठनों के बीच राजनीतिक प्रतिस्पर्धा की धारणा को खारिज किया है। उनका कहना है कि लोकतंत्र की चिंता करने वाले राजनीतिक दल, छात्र, सामाजिक संगठन और कार्यकर्ता अलग-अलग या साथ मिलकर संघर्ष कर सकते हैं।

नीट विवाद में भी दिखा था यही रुख

इससे पहले नीट-यूजी परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर भी दोनों पक्षों ने अलग-अलग प्रदर्शन किए थे। CJP ने जवाबदेही, शिक्षा व्यवस्था में सुधार और तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई थी। कांग्रेस ने भी परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया था।

विपक्षी एकजुटता की चुनौती

तृणमूल कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और वामपंथी दलों के नेताओं ने CJP के आंदोलन को समर्थन दिया है। इसके विपरीत, कांग्रेस ने अपने विरोध कार्यक्रमों और राजनीतिक रणनीति को अलग बनाए रखा है। ऐसे में सवाल है कि क्या समान मुद्दों पर काम करने वाले ये संगठन भविष्य में साझा मंच बनाएंगे या अलग-अलग आंदोलन जारी रखेंगे। फिलहाल, चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध के बीच विपक्षी एकजुटता और नेतृत्व की भूमिका चर्चा के केंद्र में है।

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