देहरादून। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने मध्य प्रदेश के वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व सांसद डॉ. ढाल सिंह बिसेन को उत्तराखंड का नया राज्यपाल नियुक्त किया है। वह लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) का स्थान लेंगे, जिन्होंने सितंबर 2021 में राज्यपाल का पद संभाला था। राष्ट्रपति भवन की ओर से 12 अक्टूबर को जारी अधिसूचना में यह जानकारी दी गई।
किसान परिवार में हुआ जन्म
डॉ. ढाल सिंह बिसेन का जन्म 14 मई 1952 को मध्य प्रदेश के सिवनी जिले के पिपरिया गांव में हुआ था। वह किसान परिवार से ताल्लुक रखते हैं। राजनीति में आने से पहले उन्होंने आयुर्वेद और होम्योपैथी चिकित्सा के क्षेत्र में काम किया। इसके अलावा, वह कृषि अर्थशास्त्र से भी जुड़े रहे हैं।
चार बार रहे मध्य प्रदेश के विधायक
डॉ. बिसेन ने वर्ष 1990 में पहली बार मध्य प्रदेश विधानसभा का चुनाव जीता। इसके बाद उन्होंने 1993, 1998 और 2003 में भी विधानसभा चुनावों में जीत दर्ज की। वर्ष 2003 से 2005 तक उन्होंने मध्य प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में जिम्मेदारी निभाई। बाद में 2011 से 2013 तक वह मध्य प्रदेश राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष रहे।
वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने बालाघाट सीट से जीत हासिल की और सांसद बने। वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने उनकी जगह दूसरे उम्मीदवार को मैदान में उतारा था।
सीएम धामी ने दी शुभकामनाएं
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने डॉ. बिसेन को राज्यपाल नियुक्त किए जाने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि डॉ. बिसेन का लंबा राजनीतिक अनुभव, जनसेवा के प्रति समर्पण और सार्वजनिक जीवन में योगदान उल्लेखनीय रहा है।
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि उनके अनुभव और मार्गदर्शन से उत्तराखंड के विकास को नई दिशा मिलेगी तथा राज्य की विकास यात्रा को गति प्राप्त होगी।
छह राज्यों में राज्यपालों की नियुक्ति
राष्ट्रपति ने 12 अक्टूबर को उत्तराखंड सहित छह राज्यों में राज्यपालों की नियुक्ति और फेरबदल किया। इसके तहत ओम प्रकाश माथुर को केरलम, राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर को तमिलनाडु, ब्रज मोहन राम को ओडिशा, डॉ. सुधा यादव को कर्नाटक और दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किया गया है।
डॉ. बिसेन और अन्य नवनियुक्त राज्यपाल संबंधित पदों का कार्यभार संभालने की तारीख से अपनी जिम्मेदारियां ग्रहण करेंगे।





