गोपेश्वर/चमोली। विश्व प्रसिद्ध यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान इस वर्ष एक बार फिर विदेशी पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बन गया है। पर्यटन सीजन के दौरान घाटी में अब तक 12 विदेशी पर्यटकों ने भ्रमण किया, जिससे इस क्षेत्र में विदेशी आगमन का नया रिकॉर्ड दर्ज हुआ है।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस बार मौसम और व्यवस्थाओं के बेहतर संचालन के कारण पर्यटकों की आवाजाही में स्थिर वृद्धि देखी गई है। घाटी में प्राकृतिक सौंदर्य, दुर्लभ हिमालयी पुष्प प्रजातियाँ और शांत वातावरण विदेशी सैलानियों को विशेष रूप से आकर्षित कर रहे हैं।
फूलों की घाटी, जो चमोली जिले के उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित है, हर वर्ष जून से अक्टूबर के बीच पर्यटकों के लिए खोली जाती है। इस अवधि में यहां 500 से अधिक प्रजातियों के फूल खिलते हैं, जो पूरी घाटी को रंग–बिरंगे प्राकृतिक कालीन में बदल देते हैं।
स्थानीय प्रशासन और वन विभाग ने बताया कि इस वर्ष पर्यटन प्रबंधन को और सुदृढ़ किया गया है। ऑनलाइन पंजीकरण व्यवस्था और निगरानी प्रणाली के चलते पर्यटकों को बेहतर सुविधा मिल रही है। साथ ही, पर्यावरण संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि नाजुक पारिस्थितिकी तंत्र को नुकसान न पहुंचे।
विशेषज्ञों का मानना है कि विदेशी पर्यटकों की बढ़ती संख्या उत्तराखंड के इको–टूरिज्म को नई पहचान दे रही है। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी मिल रहे हैं और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।
हालांकि प्रशासन ने पर्यटकों से अपील की है कि वे घाटी की प्राकृतिक सुंदरता को बनाए रखने में सहयोग करें और प्लास्टिक व कचरा न फैलाएं।
फूलों की घाटी में बढ़ता विदेशी आकर्षण इस बात का संकेत है कि उत्तराखंड का यह प्राकृतिक धरोहर स्थल वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर लगातार अपनी पहचान मजबूत कर रहा है।





