हरिद्वार। गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित करने और देशभर में गोहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर गो सम्मान आह्वान अभियान तेज हो गया है। इस अभियान के तहत संतों, गौसेवकों और विभिन्न सामाजिक संगठनों की ओर से देशभर में जनजागरण और हस्ताक्षर अभियान चलाया जा रहा है। अभियान से जुड़े लोगों ने केंद्र सरकार से गौ संरक्षण के लिए प्रभावी केंद्रीय कानून बनाने की मांग की है।
अभियान के तहत गौ माता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने के साथ ही गोवंश की सुरक्षा और संवर्धन के लिए ठोस कदम उठाने पर जोर दिया जा रहा है। आयोजकों का दावा है कि अब तक देशभर में 20 करोड़ से अधिक लोगों के हस्ताक्षर जुटाए जा चुके हैं। अभियान के अगले चरण में 51 करोड़ हस्ताक्षर एकत्र करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
17 दिसंबर को सौंपे जाएंगे ज्ञापन
अभियान के तीसरे चरण के तहत 17 दिसंबर 2026 को देश के विभिन्न राज्यों की राजधानियों में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्रियों के नाम हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन सौंपने की योजना है। इसके लिए गांवों और शहरों में जनसंपर्क अभियान चलाकर अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने की अपील की जा रही है।
केंद्रीय गो मंत्रालय बनाने की भी मांग
अभियान से जुड़े लोगों की प्रमुख मांगों में देशभर में गोहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध, गौ माता को राष्ट्रमाता का दर्जा, गोवंश संरक्षण के लिए केंद्रीय कानून, केंद्रीय गो मंत्रालय का गठन, गोचर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराना और राष्ट्रीय गोचारा नीति लागू करना शामिल है।
इसके अलावा कृषि, चिकित्सा और पर्यावरण के क्षेत्र में गो आधारित व्यवस्थाओं को बढ़ावा देने की मांग भी उठाई जा रही है।
आयोजकों ने बताया कि अभियान के तहत ‘वोट फॉर गौ माता’ नाम से डिजिटल हस्ताक्षर की पहल भी शुरू की गई है। इसके माध्यम से लोग अपनी सहमति दर्ज करा सकते हैं। अभियान का उद्देश्य शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से सरकार तक अपनी मांग पहुंचाना है।





