नई दिल्ली। लोकसभा में परीक्षा सुधार से जुड़े विधेयक पर चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा की एक टिप्पणी को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। भाजपा ने प्रियंका गांधी के बयान पर पलटवार करते हुए कांग्रेस पर भारतीय परंपराओं और ज्ञान परंपरा का अपमान करने का आरोप लगाया है।
दरअसल, लोकसभा में सार्वजनिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम से जुड़े संशोधन विधेयक पर बहस के दौरान प्रियंका गांधी ने परीक्षा सुधार समिति में शामिल एक विशेषज्ञ को लेकर टिप्पणी की थी। उन्होंने कथित तौर पर उन्हें “गोमूत्र विशेषज्ञ” कहकर सवाल उठाया था। इस बयान के बाद भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर निशाना साधा और इसे आपत्तिजनक बताया।
भाजपा नेताओं ने कहा कि किसी शिक्षाविद या विशेषज्ञ की आलोचना उनके काम और योग्यता के आधार पर होनी चाहिए, न कि व्यक्तिगत टिप्पणी के जरिए। पार्टी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस भारतीय ज्ञान परंपराओं और सांस्कृतिक मान्यताओं का मजाक उड़ा रही है।
भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने भी लोकसभा में प्रियंका गांधी के बयान पर आपत्ति जताई थी। उन्होंने कहा कि देश के प्रतिष्ठित संस्थानों से जुड़े विशेषज्ञों का सम्मान किया जाना चाहिए और राजनीतिक विरोध के नाम पर व्यक्तिगत टिप्पणियों से बचना चाहिए।
वहीं, इस विवाद के बीच कई शिक्षाविदों ने भी प्रियंका गांधी की टिप्पणी पर आपत्ति जताई है। रिपोर्टों के अनुसार, 200 से अधिक शिक्षाविदों ने एक खुले पत्र के माध्यम से कहा कि किसी विद्वान को इस तरह संबोधित करना अकादमिक योगदान और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को कमजोर करता है।
कांग्रेस की ओर से इस टिप्पणी को लेकर कहा गया कि पार्टी का उद्देश्य किसी व्यक्ति का अपमान करना नहीं, बल्कि विशेषज्ञों की भूमिका और नीतिगत फैसलों पर सवाल उठाना है। हालांकि, इस मुद्दे ने संसद के बाहर भी राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है।
परीक्षा सुधार और पेपर लीक के मुद्दे पर जारी राजनीतिक बहस अब विशेषज्ञों की नियुक्ति और उनकी विचारधाराओं तक पहुंच गई है। भाजपा और कांग्रेस के बीच इस मुद्दे को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।





