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खालिस्तान के शांतिपूर्ण समर्थन से भारत को दिक्कत नहीं, हिंसा और आतंकवाद बर्दाश्त नहीं: भारतीय उच्चायुक्त

नई दिल्ली। कनाडा में खालिस्तान समर्थक गतिविधियों को लेकर भारत के उच्चायुक्त दिनेश पटनायक ने स्पष्ट किया है कि भारत को शांतिपूर्ण राजनीतिक प्रदर्शन या अलग देश की मांग से आपत्ति नहीं है, लेकिन हिंसा, आतंकवाद और संगठित अपराध को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कनाडा से अपनी जमीन पर चल रही अलगाववादी गतिविधियों और आपराधिक तत्वों के बीच अंतर समझने की अपील की है। 

शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने का अधिकार

कनाडा के सार्वजनिक प्रसारक सीपीएसी को दिए एक साक्षात्कार में पटनायक ने कहा कि कनाडा में रहने वाले भारतीय, सिख और अन्य नागरिक शांतिपूर्ण तरीके से अपनी राजनीतिक राय व्यक्त करने के लिए स्वतंत्र हैं। इसमें खालिस्तान के समर्थन या विरोध में विचार रखना भी शामिल है।

उन्होंने कहा कि भारत को राजनीतिक विचारों की अभिव्यक्ति से समस्या नहीं है। हालांकि, उन्होंने जोर दिया कि इस मुद्दे को हिंसा, आतंकवादी गतिविधियों और आपराधिक नेटवर्क से नहीं जोड़ा जाना चाहिए।

हिंसक पोस्टरों और हथियारों की तस्करी पर जताई चिंता

भारतीय उच्चायुक्त ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन की आड़ में हथियारों की तस्करी, मादक पदार्थों का कारोबार, जबरन वसूली और संगठित अपराध जैसी गतिविधियों को बढ़ावा नहीं दिया जाना चाहिए।

उन्होंने प्रधानमंत्री की हत्या दर्शाने वाले पोस्टरों और हिंसा के महिमामंडन पर भी आपत्ति जताई। पटनायक के अनुसार, राजनीतिक अभिव्यक्ति और आतंकवादी गतिविधियों के बीच स्पष्ट अंतर बनाए रखना आवश्यक है।

उनकी यह टिप्पणी कनाडा के अल्बर्टा प्रांत में प्रस्तावित खालिस्तान जनमत संग्रह से पहले आई है। भारत पहले भी ऐसे आयोजनों और भारत विरोधी गतिविधियों पर अपनी चिंता जाहिर कर चुका है।

भारत-कनाडा संबंध सुधारने की कोशिश

वर्ष 2023 में खालिस्तानी अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की कनाडा में हत्या के बाद भारत और कनाडा के संबंधों में गंभीर तनाव पैदा हो गया था। तत्कालीन कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने इस मामले में भारतीय एजेंटों की संभावित भूमिका के आरोप लगाए थे, जिन्हें भारत ने खारिज कर दिया था।

हालांकि, हाल के महीनों में दोनों देशों के संबंध सुधारने की दिशा में प्रयास तेज हुए हैं। दोनों पक्षों के अधिकारियों के बीच सुरक्षा वार्ता हुई है, जिसमें आतंकवाद, संगठित अपराध, मादक पदार्थों की तस्करी और अपराधियों के प्रत्यर्पण पर सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की गई।

भारत और कनाडा के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते को लेकर भी बातचीत जारी है। पटनायक ने उम्मीद जताई कि दोनों देश आपसी चिंताओं का समाधान करते हुए संबंधों को मजबूत बनाने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।

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