Top 5 This Week

Related Posts

कैप्टन स्मित मच्छर के सिर पर गहरे घाव और टांके, विमान में हमले के बाद यात्रियों की जान बचाकर बने हीरो

नई दिल्ली। फ्लाईदुबई के भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर की बहादुरी की कहानी एक बार फिर चर्चा में है। संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में सम्मान समारोह के दौरान पहली बार उनके सिर पर लगी गंभीर चोट के निशान और टांके साफ दिखाई दिए। विमान में सह-पायलट के हमले के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और यात्रियों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई।

यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने कैप्टन स्मित मच्छर और फ्लाईदुबई के अन्य चालक दल के सदस्यों को उनके साहस और कर्तव्यनिष्ठा के लिए ‘फर्स्ट क्लास ऑर्डर ऑफ जायद द्वितीय’ से सम्मानित किया। दुबई के क्राउन प्रिंस और रक्षा मंत्री शेख हमदान बिन मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम ने राष्ट्रपति के स्वागत समारोह में उन्हें पदक प्रदान किए।

कॉकपिट में हुआ था जानलेवा हमला

यह घटना 30 सितंबर को फ्लाईदुबई की उड़ान एफजेड1073 में हुई थी। विमान दुबई से तेल अवीव जा रहा था और उसमें 170 से अधिक लोग सवार थे। रिपोर्टों के अनुसार, उड़ान के दौरान सह-पायलट ने कॉकपिट में रखी आपातकालीन कुल्हाड़ी से कैप्टन स्मित मच्छर पर हमला कर दिया। इससे उनके सिर में गंभीर चोट आई और खोपड़ी में फ्रैक्चर हो गया।

हमले के दौरान विमान तेजी से नीचे की ओर गिरने लगा। गंभीर रूप से घायल होने और खून बहने के बावजूद कैप्टन स्मित ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने का प्रयास किया। उनके सफल होने के बाद चालक दल के सदस्य और यात्री अंदर पहुंच सके तथा हमलावर को काबू में करने में मदद मिली।

सऊदी अरब में सुरक्षित उतारा गया विमान

स्थिति गंभीर होने पर विमान में मौजूद अन्य पायलटों ने नियंत्रण संभाला और उसे सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित उतार दिया। घायल कैप्टन स्मित का पहले तबुक में उपचार किया गया, जिसके बाद उन्हें आगे के इलाज के लिए अबू धाबी ले जाया गया।

बहादुरी को मिला अंतरराष्ट्रीय सम्मान

दुबई मीडिया कार्यालय के अनुसार, अधिकारियों ने चालक दल के साहस, जिम्मेदारी और यात्रियों की सुरक्षा के प्रति समर्पण की सराहना की। कैप्टन स्मित को इससे पहले गुजरात सरकार की ओर से भी सम्मानित किया जा चुका है। इजरायल सरकार ने भी उन्हें नागरिक वीरता पुरस्कार के लिए प्रस्तावित किया है।

कैप्टन स्मित मच्छर की बहादुरी ने संकट की घड़ी में कर्तव्य निभाने और सैकड़ों लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का उदाहरण पेश किया है।

Popular Articles