तिरुवनंतपुरम (केरल)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कथित डीपफेक वीडियो को लेकर केरल में राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की राज्य इकाई ने इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है और दोषियों की तत्काल पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
भाजपा नेताओं का आरोप है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित यह वीडियो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से तैयार किया गया है, जिसमें प्रधानमंत्री की छवि को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया है। पार्टी ने इसे न केवल भ्रामक बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था और जनता को गुमराह करने वाला प्रयास बताया है।
केरल भाजपा ने राज्य पुलिस प्रमुख से आग्रह किया है कि मामले की गहन जांच की जाए और वीडियो को प्रसारित करने वालों के खिलाफ सख्त साइबर कानूनों के तहत कार्रवाई की जाए। पार्टी का कहना है कि ऐसे डीपफेक कंटेंट का प्रसार समाज में गलत सूचना फैलाने और राजनीतिक माहौल को प्रभावित करने का गंभीर प्रयास है।
भाजपा नेताओं ने यह भी कहा कि डिजिटल तकनीक का दुरुपयोग तेजी से बढ़ रहा है, और डीपफेक वीडियो जैसी घटनाएं भविष्य में बड़ी चुनौती बन सकती हैं। उन्होंने मांग की कि ऐसे मामलों पर तत्काल रोक लगाने के लिए मजबूत साइबर निगरानी प्रणाली लागू की जाए।
इस बीच, पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद मामले की प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, वीडियो के स्रोत, उसे बनाने वाले और साझा करने वालों की पहचान करने के लिए तकनीकी जांच की जा रही है।
घटना के सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में भी प्रतिक्रिया तेज हो गई है। भाजपा ने जहां इसे गंभीर साजिश बताया है, वहीं विपक्षी दलों की ओर से अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
फिलहाल प्रशासन मामले की जांच में जुटा है और साइबर विशेषज्ञों की मदद से वीडियो की सत्यता और उसके निर्माण के तरीके की पड़ताल की जा रही है।





