नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री जॉर्ज कुरियन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। इसके साथ ही केंद्र सरकार के मंत्रिमंडल में बड़े फेरबदल के संकेत भी मिलने लगे हैं।
सूत्रों के अनुसार, जॉर्ज कुरियन का इस्तीफा राजनीतिक और संगठनात्मक पुनर्गठन की प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि पार्टी नेतृत्व आगामी रणनीति के तहत कैबिनेट में नए चेहरों को जगह देने की तैयारी में है।
जॉर्ज कुरियन के इस्तीफे के बाद अब यह सवाल उठ रहा है कि उनकी जिम्मेदारियों का पुनर्वितरण किस प्रकार किया जाएगा। वे मोदी सरकार में राज्य मंत्री के रूप में कई अहम विभागों से जुड़े हुए थे और अल्पसंख्यक मामलों तथा मत्स्य पालन जैसे मंत्रालयों में उनकी सक्रिय भूमिका रही थी।
भाजपा के भीतर इस कदम को संगठनात्मक संतुलन और आगामी राजनीतिक समीकरणों से जोड़कर देखा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बदलाव आने वाले चुनावों और क्षेत्रीय समीकरणों को ध्यान में रखकर किया गया रणनीतिक निर्णय हो सकता है।
हालांकि, सरकार या भाजपा की ओर से इस इस्तीफे को लेकर विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि जल्द ही कैबिनेट विस्तार या पुनर्गठन की औपचारिक घोषणा की जा सकती है।
जॉर्ज कुरियन लंबे समय से भाजपा के संगठन से जुड़े रहे हैं और पार्टी के राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण चेहरों में गिने जाते हैं। उनके इस्तीफे को केंद्र सरकार के मौजूदा राजनीतिक ढांचे में एक अहम बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।
फिलहाल, उनके अगले राजनीतिक कदम को लेकर अटकलें जारी हैं, जबकि केंद्र में मंत्रिमंडल पुनर्गठन की चर्चाएं तेज हो गई हैं।





