कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा भूचाल आ गया है। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के बागी विधायकों के एक धड़े ने पार्टी नेतृत्व के खिलाफ खुला मोर्चा खोलते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पार्टी अध्यक्ष पद से हटाने का दावा किया है। साथ ही बागी गुट ने वरिष्ठ विधायक अरूप रॉय को टीएमसी का नया अध्यक्ष नियुक्त करने की घोषणा की है।
सूत्रों के अनुसार, यह फैसला बागी विधायकों की एक विशेष बैठक में लिया गया, जिसमें पार्टी के कई असंतुष्ट विधायक शामिल हुए। बैठक में संगठनात्मक ढांचे में बड़े बदलाव करते हुए एक समानांतर नेतृत्व व्यवस्था भी बनाने का दावा किया गया है।
बागी गुट का कहना है कि वर्तमान नेतृत्व के तहत पार्टी में लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं और संगठनात्मक पारदर्शिता को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे थे। इसी के चलते यह कदम उठाया गया है। समूह ने यह भी दावा किया कि उन्हें बड़ी संख्या में विधायकों का समर्थन प्राप्त है, जिससे पार्टी के भीतर शक्ति संतुलन बदल गया है।
इस घटनाक्रम के बाद पश्चिम बंगाल की सियासत में हलचल तेज हो गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह टीएमसी के भीतर अब तक का सबसे बड़ा संगठनात्मक संकट हो सकता है, जिसका असर राज्य की राजनीति पर भी पड़ सकता है।
हालांकि, टीएमसी के आधिकारिक खेमे की ओर से अभी तक इस दावे को लेकर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन पार्टी सूत्रों ने इसे असंवैधानिक और संगठन विरोधी कदम करार दिया है।
गौरतलब है कि हाल के दिनों में टीएमसी के भीतर असंतोष और गुटबाजी की खबरें लगातार सामने आ रही थीं, और अब यह घटनाक्रम पार्टी के भीतर गहराते संकट की ओर इशारा कर रहा है।
फिलहाल पूरे मामले पर राजनीतिक बयानबाज़ी तेज हो गई है और आने वाले दिनों में इस विवाद के और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।





