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केरल का पलक्कड़ बना अंतरिक्ष प्रतिभाओं की धरती, नासा और गगनयान मिशन से जुड़े तीन अंतरिक्ष यात्री इसी जिले से

नई दिल्ली। केरल का पलक्कड़ जिला एक अनोखी उपलब्धि के कारण चर्चा में है। यह देश का ऐसा जिला बन गया है, जिसका संबंध एक साथ तीन अंतरिक्ष यात्रियों से है। इनमें नासा के भारतीय मूल के अंतरिक्ष यात्री डॉ. अनिल मेनन, निजी अंतरिक्ष मिशन की अंतरिक्ष यात्री अन्ना मेनन और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के गगनयान मिशन के लिए चयनित एयर कमोडोर प्रशांत बालकृष्णन नायर शामिल हैं।

डॉ. अनिल मेनन 15 जुलाई को रूस के सोयुज एमएस-29 अंतरिक्ष यान के जरिए अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) के लिए अपनी पहली अंतरिक्ष उड़ान भरेंगे। वह एक चिकित्सक, एयरोस्पेस इंजीनियर और नासा के पूर्व फ्लाइट सर्जन रह चुके हैं। इस मिशन के दौरान वह लगभग आठ महीने तक आईएसएस में रहकर वैज्ञानिक अनुसंधान और तकनीकी प्रयोगों में भाग लेंगे।

पलक्कड़ से जुड़े दूसरे प्रमुख नाम अन्ना मेनन का है, जिन्होंने निजी अंतरिक्ष मिशन ‘पोलारिस डॉन’ में हिस्सा लेकर अंतरिक्ष अभियानों में अपनी पहचान बनाई। वर्तमान में वह भी नासा के साथ अंतरिक्ष यात्री के रूप में प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं।

तीसरे अंतरिक्ष यात्री एयर कमोडोर प्रशांत बालकृष्णन नायर हैं, जिन्हें इसरो के महत्वाकांक्षी मानव अंतरिक्ष मिशन ‘गगनयान’ के लिए चुना गया है। उन्होंने डॉ. अनिल मेनन की आगामी उड़ान पर खुशी जताते हुए इसे भारत और केरल के लिए गौरव का क्षण बताया। दोनों ने अमेरिका के ह्यूस्टन में प्रशिक्षण के दौरान साथ समय बिताया था और उनके बीच गहरी मित्रता है।

डॉ. अनिल मेनन का भारत से गहरा जुड़ाव रहा है। नासा में शामिल होने से पहले उन्होंने भारत में पोलियो उन्मूलन अभियान से जुड़े स्वास्थ्य कार्यक्रमों में भी योगदान दिया था। वहीं, प्रशांत नायर भारत के पहले मानव अंतरिक्ष मिशन ‘गगनयान’ के प्रमुख चेहरों में शामिल हैं।

एक ही जिले से तीन अंतरिक्ष यात्रियों का संबंध होना न केवल केरल, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व की बात माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह उपलब्धि अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में भारत की बढ़ती वैश्विक पहचान और नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का प्रतीक है।

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