नई दिल्ली/रायपुर। महादेव ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई के तहत श्रीलंका में 147 भारतीय युवकों को हाउस अरेस्ट किए जाने की जानकारी सामने आई है। इनमें अधिकांश युवक छत्तीसगढ़ के बताए जा रहे हैं। स्थानीय अधिकारियों ने उनके पासपोर्ट और वीजा जब्त कर जांच शुरू कर दी है, जबकि नेटवर्क से जुड़े मुख्य आरोपी सिकंदर प्रसाद की तलाश तेज कर दी गई है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इन युवकों को निजी कंपनी में नौकरी दिलाने का झांसा देकर श्रीलंका भेजा गया था। उन्हें आकर्षक वेतन और रहने-खाने की सुविधा का वादा किया गया था, लेकिन जांच में सामने आया कि उनसे कथित तौर पर ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क से जुड़े कार्य कराए जा रहे थे। श्रीलंका में कार्रवाई के बाद कई परिवारों को इस पूरे मामले की जानकारी मिली।
सूत्रों के मुताबिक, कार्रवाई की भनक लगते ही नेटवर्क से जुड़ा आरोपी सिकंदर प्रसाद फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है। बताया जा रहा है कि वह लंबे समय से महादेव ऐप नेटवर्क से जुड़े संचालन में सक्रिय था और युवकों की भर्ती में उसकी अहम भूमिका थी।
इस बीच, महादेव ऐप मामले के मुख्य प्रमोटरों सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल के खिलाफ भी भारतीय एजेंसियों की कार्रवाई जारी है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) पहले ही इस मामले में बड़ी मात्रा में संपत्तियां जब्त कर चुका है, जबकि सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी के बाद भारत प्रत्यर्पण की प्रक्रिया भी आगे बढ़ रही है।
छत्तीसगढ़ में महादेव ऑनलाइन सट्टा मामले को लेकर अब तक 250 से अधिक लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है और विभिन्न थानों में करीब 40 प्राथमिकी दर्ज हैं। जांच एजेंसियां अब इस नेटवर्क के अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन और इससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही हैं।





