चमोली। उत्तराखंड के चमोली जिले में पंच केदारों में शामिल प्रसिद्ध कल्पेश्वर महादेव मंदिर के पीछे सोमवार रात भारी भूस्खलन हो गया। पहाड़ी से बड़ी मात्रा में मलबा मंदिर परिसर में आ गया, जिससे मंदिर परिसर, स्टोर और पुजारी कक्ष मलबे में दब गए। राहत की बात यह रही कि रात में मंदिर परिसर में कोई नहीं रुकता था और मुख्य मंदिर सुरक्षित है।
भारी बारिश के दौरान उर्गम घाटी में स्थित मंदिर के ऊपरी क्षेत्र से भूस्खलन शुरू हुआ। मलबे में मिट्टी की मात्रा अधिक होने के कारण परिसर के कई हिस्से पूरी तरह ढक गए। मंदिर समिति के अनुसार, स्टोर में रखा लाखों रुपये का सामान भी मलबे में दबकर नष्ट हो गया। इसके अलावा हवन कुंड को भी नुकसान पहुंचा है।
भूस्खलन से मंदिर तक पहुंचने वाला पैदल रास्ता और रेलिंग भी क्षतिग्रस्त हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोग और मंदिर समिति के सदस्य मौके पर पहुंचे। लोगों ने एकजुट होकर मलबा हटाने और मंदिर तक आवाजाही के लिए रास्ता तैयार करने का काम शुरू किया। हालांकि आसपास अभी भी बड़ी मात्रा में मलबा जमा है, जिससे आवाजाही में परेशानी बनी हुई है।
मंदिर के पुजारी दरबान सिंह नेगी के मुताबिक, भूस्खलन से मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में काफी नुकसान हुआ है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मौके का निरीक्षण कर जल्द आवश्यक कार्रवाई और सुरक्षा इंतजाम करने की मांग की है।
चमोली जिले में लगातार हो रही बारिश के बीच पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की घटनाएं बढ़ रही हैं। उर्गम घाटी में हुई इस घटना ने स्थानीय लोगों के साथ श्रद्धालुओं की चिंता भी बढ़ा दी है। प्रशासन से मंदिर परिसर और आसपास के संवेदनशील हिस्सों का निरीक्षण कर संभावित खतरे को कम करने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की गई है।





