सोशल मीडिया के ‘पिल्ला गैंग’ मुर्गो को रुद्रपुर पुलिस ने सिखाया कानून का पाठ
लालपुर हत्याकांड के बाद यूपी भाग रहे 2 शातिर ‘पिल्ला गैंग’ के छपरी अवैध तमंचों के साथ दबोचे
रुद्रपुर। एसएसपी अजय गणपति ने ऑपरेशन प्रहार” के अंतर्गत सभी थाना प्रभारियों को सघन बॉर्डर चेकिंग एवं संदिग्ध व्यक्तियों की निगरानी को निर्देशित किया। इसी के तहत रुद्रपुर कोतवाली पुलिस शनिवार को क्षेत्र में गश्त एवं बॉर्डर चैकिंग कर रही थी। इसी बीच पुलिस को मुखबिर सूचना मिली कि लालपुर, किच्छा में हुए विक्रान्त बागी हत्याकांड में प्रकाश में आए ‘पिल्ला गैंग’ के दो बेहद ही छपरी और शातिर किस्म के अपराधी सिप्पी सागर उर्फ राजीव सागर एवं अंकित सागर उर्फ गट्टी बाईक से ब्लॉक रोड होते हुए यूपी की ओर फरार होने की फिराक में हैं। उनके पास अवैध असलाह भी है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने ब्लॉक रोड पर घेराबंदी की। पुलिस के मुताबिक घेराबंदी के दौरान एक बाईक तेज गति से आती दिखाई दी। पुलिस ने रोकने का प्रयास किया तो बाईक सवार दोनों छपरी भागने का प्रयास करने लगे। पुलिस ने घेराबंदी कर दोनों को मौके पर ही धर दबोचा। तलाशी लेने पर इनके कब्जे से .315 बोर के 02 अवैध देशी तमंचे एवं कारतूस बरामद हुए। पुलिस पूछताछ के सामने आते ही सोशल मीडिया के इन सूरमाओं’ की सिट्टी-पिट्टी गुम हो गई।* अभियुक्तों ने कुबूल किया कि वे सोशल मीडिया पर हथियारों और आपराधिक गतिविधियों की वीडियो,रील अपलोड कर खुद को बड़ा गैंगस्टर दिखाने का ढोंग करते थे। ताकि क्षेत्र के युवाओं पर धौंस जमा सकें। इनका काम सिर्फ इलाके के लड़कों से फालतू में विवाद व मारपीट करना था। किच्छा हत्याकांड में नाम आने के बाद इनके हौसले पस्त हो चुके थे और ये पुलिस के डर से दुम दबाकर भाग रहे थे।
सिप्पी सागर उर्फ राजीव सागर** पुत्र जय सिंह निवासी वार्ड नंबर 7, शिवनगर, निकट शिव मंदिर के सामने वाली गली, थाना ट्रांजिट कैंप।
अंकित सागर उर्फ गट्टी पुत्र सुरेश सागर निवासी: वार्ड नंबर 8, शिवनगर थाना ट्रांजिट कैंप।
सोशल मीडिया पर रील बनाकर गुंडागर्दी फैलाने वाले और खुद को किसी तथाकथित गैंग का हिस्सा बताने वाले छपरियों के खिलाफ पुलिस का यह सख्त अभियान लगातार जारी रहेगा। कानून का उल्लंघन करने वालों की सही जगह सिर्फ और सिर्फ जेल की कालकोठरी है।
प्रभारी निरीक्षक प्रकाश दानू, बाजार पुलिस चौकी प्रभारी प्रदीप कोहली, रम्पुरा पुलिस चौकी प्रभारी पंकज कुमार, दीपक कुमार, मोहन खाती आदि पुलिस कर्मी शामिल रहे।





