देहरादून। उत्तराखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर के बीच निर्वाचन विभाग ने मतदाताओं के नाम जुड़ने और हटने के आंकड़े जारी किए हैं। जनवरी 2025 से अगस्त 2026 के बीच प्रदेश की मतदाता सूची से 17,05,130 नाम हटाए गए, जबकि इसी अवधि में 4,34,620 नए मतदाताओं के नाम जोड़े गए।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के अनुसार, यह बदलाव करीब 19 महीने की अवधि में हुआ। एसआईआर प्रक्रिया पूरी होने के बाद एक जुलाई 2026 के आधार पर उत्तराखंड में कुल 71,58,949 मतदाता दर्ज हैं।
देहरादून में सबसे ज्यादा नाम हटे
जिलेवार आंकड़ों में देहरादून में सबसे अधिक 4,84,598 मतदाताओं के नाम हटाए गए, जबकि यहां 1,00,559 नए नाम जोड़े गए। इसके बाद हरिद्वार में 3,31,875 और ऊधम सिंह नगर में 3,03,620 नाम हटाए गए।
एसआईआर के बाद हरिद्वार अब प्रदेश में सबसे अधिक मतदाताओं वाला जिला बन गया है। यहां कुल मतदाताओं की संख्या 12,45,458 है। देहरादून में अब 11,94,797 और ऊधम सिंह नगर में 11,47,030 मतदाता हैं।
कटे नामों का होगा सत्यापन
निर्वाचन विभाग ने स्पष्ट किया है कि मतदाता सूची से हटाए गए नामों की प्रक्रिया के बाद अब पात्र लोगों को दोबारा सूची में शामिल करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। बूथ लेवल अधिकारी यानी बीएलओ घर-घर जाकर सत्यापन और मिलान करेंगे।
यदि किसी पात्र मतदाता का नाम गलती से सूची से हट गया है तो उसका फॉर्म-6 भरवाकर आवश्यक दस्तावेज लिए जाएंगे। इसके बाद सत्यापन रिपोर्ट के आधार पर नाम शामिल करने की कार्रवाई की जाएगी।
अंतिम सूची में 71.58 लाख मतदाता
एसआईआर की अंतिम प्रक्रिया के बाद उत्तराखंड में 71,58,949 मतदाता हैं। इनमें 37,37,701 पुरुष, 34,21,036 महिला और 212 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं। निर्वाचन विभाग के अनुसार, छूटे हुए पात्र लोगों और नए मतदाताओं को सूची में शामिल करने के लिए आगे भी अभियान जारी रहेगा।





