हल्द्वानी। कुमाऊं क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में बड़ी पहल हुई है। केंद्र सरकार ने लालकुआं बाईपास और हल्द्वानी-काठगोदाम बाईपास परियोजनाओं को मंजूरी दे दी है। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद लालकुआं, हल्द्वानी और काठगोदाम में भारी यातायात का दबाव कम होने तथा लोगों को जाम से राहत मिलने की उम्मीद है।
लालकुआं में बनेगा 7.2 किमी लंबा बाईपास
लालकुआं बाईपास की कुल लंबाई करीब 7.2 किलोमीटर होगी। इसमें आबादी वाले हिस्से को बचाते हुए 5.277 किलोमीटर नया मार्ग बनाया जाएगा। सड़क को चार लेन और पक्के किनारों के साथ विकसित करने की योजना है।
राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे स्थित लालकुआं प्रमुख व्यापारिक और औद्योगिक क्षेत्र है। आबादी वाले करीब 1.30 किलोमीटर हिस्से में दोनों तरफ निर्माण होने के कारण कई स्थानों पर सड़क की चौड़ाई सीमित है। इससे अक्सर जाम की स्थिति बनती है। बाईपास बनने के बाद भारी और बाहरी यातायात को शहर के बाहर से निकाला जा सकेगा।
रेलवे लाइन पर बनेंगे पुल, अंडरपास भी होंगे
परियोजना में तीन छोटे पुल, दो चार लेन के रेलवे पुल और चार वाहन अंडरपास प्रस्तावित हैं। नगला बाईपास के पास करीब 90 डिग्री के तीखे मोड़ को भी सीधा किया जाएगा। इसके लिए टांडा क्षेत्र में करीब 600 मीटर मार्ग में बदलाव किया जाएगा।
परियोजना के लिए कुल 31.40 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता होगी, जिसमें 23.5 हेक्टेयर वन क्षेत्र शामिल है। अब भूमि अधिग्रहण और अन्य वैधानिक अनुमतियों की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
हल्द्वानी-काठगोदाम बाईपास भी मंजूर
हल्द्वानी-काठगोदाम बाईपास की लंबाई करीब 8.4 किलोमीटर होगी। इसके तहत हल्द्वानी स्टेडियम से काठगोदाम गौला पुल तक सड़क को चार लेन करने और गौला नदी पर नया दो लेन पुल बनाने का प्रस्ताव है। करीब 1.4 किलोमीटर हिस्से में सड़क का मार्ग भी बदला जाएगा।
केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा ने कहा कि दोनों परियोजनाओं से क्षेत्र के विकास को गति मिलेगी और लंबे समय से चली आ रही यातायात संबंधी समस्या के समाधान में मदद मिलेगी।