Top 5 This Week

Related Posts

उत्तराखंड के राज्यपाल गुरमीत सिंह के पांच साल पूरे, पांच प्रमुख मिशनों पर रहा फोकस

देहरादून। उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) के कार्यकाल के पांच वर्ष मंगलवार, 15 सितंबर को पूरे हो गए। उन्होंने 15 सितंबर 2021 को राज्यपाल पद की जिम्मेदारी संभाली थी। इन पांच वर्षों के दौरान राजभवन की ओर से सामाजिक विकास, महिला सशक्तीकरण, शिक्षा और तकनीकी नवाचार से जुड़ी कई पहलों को आगे बढ़ाया गया।

राज्यपाल के प्रमुख मिशनों में रिवर्स पलायन, महिला सशक्तीकरण एवं बालिका शिक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और तकनीक, जैविक कृषि तथा वेलनेस को प्राथमिकता दी गई। उच्च शिक्षा में शोध और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए ‘वन यूनिवर्सिटी-वन रिसर्च’ जैसी पहल शुरू की गई। विश्वविद्यालयों में कुलपति चयन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए इंटरव्यू की वीडियो रिकॉर्डिंग की व्यवस्था भी की गई।

AI और तकनीक पर विशेष जोर

राज्यपाल के कार्यकाल में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल तकनीक को राजभवन की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल किया गया। लोक भवन में स्मार्ट ऑटोमेशन सिस्टम और ई-ऑफिस जैसी व्यवस्थाएं विकसित की गईं। महिलाओं को कानूनी, करियर और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी उपलब्ध कराने के लिए गार्गी नारी शक्ति AI चैटबॉट जैसी पहल भी शुरू की गई।

इसके अलावा उत्तराखंड AI मिशन और ‘AI फॉर ऑल’ जैसी पहलों के जरिए विद्यार्थियों को तकनीक आधारित और रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण देने पर जोर दिया गया। ‘ऑपरेशन साथी’ और ‘आरोही इन्क्यूबेटर’ के माध्यम से प्रदेश के विभिन्न जिलों में प्रतिभाओं की पहचान और उन्हें मार्गदर्शन देने का प्रयास किया गया।

महिला सशक्तीकरण और स्वास्थ्य भी प्राथमिकता

राजभवन परिसर में बालिकाओं के लिए आत्मरक्षा और कंप्यूटर प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किया गया। टीबी, मानसिक स्वास्थ्य और स्तन कैंसर जैसे विषयों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। वेलनेस को बढ़ावा देने के लिए आरोग्यधाम की स्थापना की गई, जहां पंचकर्म और फिजियोथेरेपी जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं।

राज्यपाल ने अपने कार्यकाल में प्रदेश के विभिन्न जिलों और सीमांत क्षेत्रों का दौरा कर स्थानीय लोगों से संवाद भी किया। पर्यावरण संरक्षण के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग, नक्षत्र वाटिका और अन्य पहलें की गईं। पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों की समस्याओं के समाधान के लिए भी राजभवन में शिकायत निवारण की व्यवस्था की गई।

राज्यपाल के पांच वर्ष पूरे होने के साथ ही इन पहलों और भविष्य में उत्तराखंड के विकास के लिए उनकी भूमिका को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

Popular Articles