नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। अमेरिका द्वारा ईरान के ठिकानों पर ताजा हवाई हमले किए जाने के बाद ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई तेज कर दी है। दोनों देशों के बीच बढ़ते सैन्य टकराव से पूरे क्षेत्र में अस्थिरता की आशंका गहरा गई है, जबकि भारत ने सभी पक्षों से संयम बरतने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की है।
रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका ने ईरान के कई सैन्य और रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया। इसके जवाब में ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी हितों और सैन्य ठिकानों पर मिसाइल एवं ड्रोन हमले किए। हालिया घटनाक्रम के बाद क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
बढ़ते तनाव के बीच भारत सरकार ने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए सभी संबंधित पक्षों से सैन्य कार्रवाई रोकने, संयम बरतने और कूटनीतिक वार्ता के माध्यम से विवाद सुलझाने का आग्रह किया है। भारत ने कहा कि क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखना वैश्विक हित में है तथा किसी भी प्रकार का सैन्य टकराव व्यापक मानवीय और आर्थिक संकट को जन्म दे सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि संघर्ष और बढ़ता है तो इसका असर वैश्विक ऊर्जा बाजार और कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ सकता है। खाड़ी क्षेत्र अंतरराष्ट्रीय तेल आपूर्ति का प्रमुख केंद्र है, इसलिए वहां अस्थिरता से दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाओं पर प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
भारत ने दोहराया है कि मौजूदा संकट का स्थायी समाधान केवल संवाद और कूटनीतिक प्रयासों से ही संभव है। सरकार ने क्षेत्र में रह रहे भारतीय नागरिकों से भी स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करने और स्थिति पर नजर बनाए रखने की अपील की है।





