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 आठ राज्यों के डीएम को नागरिकता देने का अधिकार, गृह मंत्रालय ने जारी किया आदेश

नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने गुजरात, राजस्थान समेत आठ राज्यों के जिलाधिकारियों (डीएम) को भारतीय नागरिकता प्रदान करने का अधिकार दिया है। यह अधिकार नागरिकता अधिनियम के तहत निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार दिया गया है।

गृह मंत्रालय के इस फैसले के बाद संबंधित जिलों के डीएम नागरिकता के लिए आने वाले आवेदनों पर नियमानुसार कार्रवाई कर सकेंगे। इससे पात्र आवेदकों को नागरिकता संबंधी प्रक्रिया के लिए केंद्र स्तर पर निर्भरता कम होगी और स्थानीय स्तर पर आवेदन निपटाने की प्रक्रिया आसान होने की उम्मीद है।

किन राज्यों में लागू होगी व्यवस्था

मंत्रालय की ओर से गुजरात और राजस्थान के अलावा छह अन्य राज्यों के जिलाधिकारियों को भी नागरिकता प्रदान करने की शक्तियां दी गई हैं। यह व्यवस्था नागरिकता अधिनियम के प्रावधानों के तहत पात्र लोगों के आवेदनों पर लागू होगी।

नियमों में किया गया बदलाव

केंद्र सरकार ने नागरिकता देने की प्रक्रिया में नियमों को पहले की तुलना में अधिक स्पष्ट और सख्त बनाया है। अधिकारियों को आवेदनों की जांच निर्धारित दस्तावेजों और पात्रता मानकों के आधार पर करनी होगी। नागरिकता प्रदान करने से पहले आवेदक की जानकारी और संबंधित दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा।

सरकार का जोर यह सुनिश्चित करने पर है कि नागरिकता केवल निर्धारित कानूनी शर्तों को पूरा करने वाले पात्र व्यक्तियों को ही मिले। इसके लिए आवेदन की जांच और सत्यापन प्रक्रिया को महत्वपूर्ण बनाया गया है।

स्थानीय स्तर पर होगा निपटारा

डीएम को अधिकार मिलने से पात्र आवेदकों के लिए नागरिकता संबंधी मामलों के निपटारे की प्रक्रिया स्थानीय प्रशासन के स्तर पर तेज होने की संभावना है। हालांकि, अधिकारियों को नागरिकता प्रदान करने के दौरान लागू कानून और नियमों का पूरी तरह पालन करना होगा।

गृह मंत्रालय का यह कदम नागरिकता से जुड़े प्रशासनिक कार्यों को विकेंद्रीकृत करने के साथ प्रक्रिया में पारदर्शिता और निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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