अहमदाबाद। अहमदाबाद साइबर क्राइम ब्रांच ने NEET-UG 2026 परीक्षा से जुड़ी एक बड़ी साइबर ठगी की कोशिश का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के जरिए छात्रों और अभिभावकों को निशाना बनाकर नकली प्रश्नपत्र और परीक्षा से जुड़ी गोपनीय जानकारी उपलब्ध कराने का झांसा दे रहा था।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने टेलीग्राम चैनलों और विभिन्न ऑनलाइन आईडी के माध्यम से कई फर्जी पोस्ट और विज्ञापन चलाए, जिनमें दावा किया गया था कि उनके पास “री-NEET/NEET-UG 2026” का प्रश्नपत्र उपलब्ध है। इन पोस्ट्स के जरिए छात्रों से पैसे ऐंठने की कोशिश की जा रही थी।
जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि यह पूरा मामला किसी वास्तविक पेपर लीक से जुड़ा नहीं है, बल्कि एक सुनियोजित साइबर फ्रॉड नेटवर्क है, जिसका उद्देश्य केवल छात्रों और उनके परिजनों से ठगी करना था। आरोपी लोगों को विश्वास दिलाकर उनसे पैसे वसूलते थे और बाद में संपर्क तोड़ देते थे।
अहमदाबाद साइबर पुलिस ने तकनीकी निगरानी और डिजिटल ट्रैकिंग के आधार पर इस गिरोह के दो सदस्यों को पकड़ा है। पुलिस अब इनके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और वित्तीय लेन-देन की भी जांच कर रही है।
अधिकारियों ने बताया कि इस तरह की ठगी के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, खासकर प्रतियोगी परीक्षाओं के समय। ऐसे में छात्रों और अभिभावकों को सतर्क रहने और किसी भी अनधिकृत स्रोत से जानकारी या प्रश्नपत्र खरीदने से बचने की सलाह दी गई है।
पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि परीक्षा संबंधी सभी आधिकारिक जानकारी केवल राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की आधिकारिक वेबसाइट और अधिकृत माध्यमों से ही प्राप्त की जानी चाहिए।
फिलहाल, मामले की आगे की जांच जारी है और साइबर पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह से और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं तथा इनके वित्तीय लेन-देन का दायरा कितना बड़ा है।





